֍:वजीराबाद पहुंची CM रेखा गुप्ता §ֆ:यह निरीक्षण यमुना की सफाई की दिशा में अहम कदम बताया जा रहा है। इससे प्रदूषण को कम करने और नदी के पानी की गुणवत्ता में सुधार के प्रयासों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। दिल्ली की जीवनरेखा यमुना में बिना ट्रीट किए कई नाले गिरते हैं। जिसकी वजह से नदी का पानी पीने या नहाने लायक नहीं बचा है। बजट में दिल्ली सरकार ने नालों की सफाई के लिए 500 करोड़ आवंटित किए हैं। जिससे यमुना में गिरने से नाले के पानी को पूरी तरह से ट्रीट किया जाएगा।§֍:यमुना को साफ करने के लिए नालों की सफाई जरुरी §ֆ:दिल्ली सरकार ने बाढ़ एवं सिंचाई विभाग को नालों की समय पर सफाई सुनिश्चित करने की विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। वजीराबाद नाला यमुना में बहने वाले प्रमुख नालों में से एक है और इसलिए यह नदी की सफाई के लिए अहम है। गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों में से 48 सीटों पर ऐतिहासिक जीत के बाद भाजपा ने यमुना नदी की सफाई की प्रक्रिया शुरू की और 16 फरवरी को नदी में कचरा निकालने वाले स्किमर, खरपतवार हटाने वाले और ड्रेज यूटिलिटी वाहन तैनात किए गए।§दिल्ली सरकार यमुना की सफाई को प्राथमिकता के तौर पर ले रही है। गुरुवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री प्रवेश वर्मा वजीराबाद पहुंचे। यहां दोनों नेताओं ने सफाई अभियान का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें सफाई को लेकर जानकारी दी। उन्होंने यमुना में गिरने वाले नालों का भी निरीक्षण किया। हाल ही में पीडब्ल्यूडी मंत्री वर्मा ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी। जिसमें दिल्ली जलबोर्ड, पीडब्ल्यूडी और एमसीडी समेत तमाम सरकारी एजेंसियों को यमुना की सफाई के लिए मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया था।

