֍:नए कानून के काफी बढ़ा जुर्माना§ֆ:हरियाणा बीज उत्पादक संघ के प्रदेश अध्यक्ष पाल सिंह धालीवाल ने इस कानून को लेकर कहा था कि संशोधन उत्पादकों और डीलरों के खिलाफ है, ऐसे में हम इन परिस्थितियों में काम करने की स्थिति में नहीं हैं. नए प्रावधानों के अनुसार अधिनियम के तहत अपराध गैर-जमानती है. बता दें कि पहले, पहली बार अपराध करने पर 500 रुपये और दूसरी बार अपराध करने पर 1,000 रुपये का जुर्माना और 1 साल की कैद का प्रावधान था. लेकिन अब 1 लाख से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना और एक से तीन साल की कैद होगी.§֍:व्यापारियों ने बताया “काला कानून”§ֆ:कई व्यापारियों ने इस कानूनों को राज्य सरकार द्वारा थोपा गया “काला कानून” करार दिया है. साथ ही इस आदेश पर कड़ी आपत्ति जताई. साथ ही कहा कि ये उनके व्यापार के लिए पूरी तरह से अनुचित है. वहीं, इस हड़ताल का असर लगातार देखने को मिल रहा है. दरअसल, हरियाणा के सभी जिलों में पिछले दो दिनों से सभी बीज दुकाने बंद कर दी गई है और सरकार से इन अधिनियम को वापस लेने की मांग की जा रही है.§हरियाणा सरकार ने बीज और कीटनाशक अधिनियमों में बदलाव कर दिया है. सरकार की ओर से अधिनियमों में किए गए संशोधनों से नाखुश बीज और कीटनाशक उत्पादकों और डीलरों ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखा और दुकानें बंद रखी. वहीं, इस कानून को व्यापार विरोधी बताते हुए व्यापारियों ने सरकार को नए अधिनियमों को रद्द करने या संशोधित करने के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है. हालांकि, सोमवार शाम को डीलरों के एक गुट ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से दिए गए आश्वासन का हवाला देते हुए हड़ताल वापस लेने की घोषणा की, लेकिन व्यापारियों का दावा है कि किसी ने हड़ताल वापस नहीं ली है और यह तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी. हड़ताल की घोषणा रविवार को कुरुक्षेत्र में एक बैठक के दौरान की गई थी.

