֍:किसान परेशान §ֆ:इस सीजन में जल्द आवक होने के बाद भी किसान परेशान हैं. कई किसान अपनी उपज को बेचने के लिए इंतजार कर हे हैं. आढ़तियों द्वारा रखे गए मजदूर नमी की मात्रा को ते नजर आ रहे हैं. अधिकारियों ने पुष्टि की कि खरीद में देरी का मुख्य कारण फसल में नमी है, जो कि निर्धारित सीमा 12 प्रतिशत से अधिक है. जिला विपणन प्रवर्तन अधिकारी ईश्वर राणा ने कहा, “गेहूं की खेप में नमी की मात्रा अनुमति से अधिक है. हम किसानों से अपील करते हैं कि वे अनाज मंडियों में केवल सूखा और साफ गेहूं ही लेकर आएं, ताकि खरीद में देरी न हो.”§हरियाणा में गेहूं की नई आवक की खरीदी शुरु होने वाली थी. लेकिन करनाल जिले की अनाज मंडियों में अभी तक गेहूं की नई आवक नहीं पहुंची है. इससे किसान परेशानी में हैं. देरी का कारण फसल में नमी को बताया जा रहा है. ऐसे में मात्रा अधिक होना और उठाने और लादने के लिए अधिक मजदूरों की जरूरत पड़ेगी, जिससे कसान होने की संभावना है. “द ट्रिब्यून” की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को करनाल अनाज मंडियों में लगभग 852 क्विंटल गेहूं आया, जिससे अब तक कुल आवक 1,102 क्विंटल हो गई है. पिछले साल इस तारीख तक मंडियों में कोई गेहूं नहीं आया था. 2024 के खरीद सीजन के दौरान, जिले में कुल गेहूं की आवक 7.72 लाख मीट्रिक टन (एमटी) थी, जबकि 2023 में यह 7.52 लाख मीट्रिक टन थी.

