֍:सोशल मीडिया पर चल रही ट्रेनिंग§֍:राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में गन्ना विकास परिषद प्रदेश के गन्ना किसानों को आधुनिक तकनीकी से परिचित करवाने के लिए शोध संस्थानों में प्रशिक्षण शिविर चला रही है. इसी के साथ फेसबुक लाइव के माध्यम से ऑनलाइन प्रशिक्षण भी चला रहा है. इसके माध्यम से प्रशिक्षण देने के साथ-साथ गन्ना किसानों की समस्याओं का भी त्वरित हल प्रदान किया जाता है. उत्तर प्रदेश गन्ना विकास परिषद ये प्रशिक्षण कार्यक्रम फरवरी, 2024 से चला रहा है. एक वर्ष की समयावधि में फेसबुक लाइव प्रशिक्षण की पहुंच 15,36,600 गन्ना किसानों तक हो चुकी है. जबकि टोटल व्यू 9,10,342 हैं, जिन्होंने ने सक्रिय तौर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ लिया है. गन्ना विकास परिषद ने अब तक 18 फेसबुक लाइव कार्यक्रम चलाए हैं. §֍:शोध संस्थानों में मिलेगा मुफ्त प्रशिक्षण§ֆ:उप्र गन्ना विकास परिषद, फेसबुक लाइव के साथ ही शोध संस्थानों के माध्यम से पारंपरिक तरीके से भी प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है. गन्ना विकास परिषद मुजफ्फरनगर , शाहजहांपुर और सेवरही संस्थानों में निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है. इन गन्ना कृषि शोध संस्थानों में भी अब तक 19,039 किसान प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं. §֍:उत्तर प्रदेश नंबर 1 गन्ना उत्पादक§ֆ:बता दें कि मेरठ, रामपुर, लखीमपुर, बरेली, हरदोई, पीलीभीत के साथ नेपाल में भी प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया गया है. प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के गन्ना किसानों को गन्ने की उन्नत किस्मों के साथ कृषि की आधुनिक तकनीकों से परिचित करवाना है. साथ ही गन्ना किसानों को न केवल गन्ना की खेती बल्कि मूल्य भुगतान, बीज की उपलब्धता जैसी समस्याओं का भी निदान किया जाता है. इसी का परिणाम है कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश गन्ने के उत्पादन और उत्पादकता में नंबर वन होने के साथ चीनी उत्पादन में भी देश में सबसे आगे है.§उत्तर प्रदेश में मुख्य रूप से गन्ना अधिक मात्रा में उत्पादित किया जाता है. इसको देखते हुए सरकार ने गन्ना किसानों को प्रोत्साहित करन के लिए अब सोशल मीडिया का सहारा ले रही है. इसमें फेसबुक द्वारा सरकार ने गन्ना खेती के लिए प्रशिक्षण दे रही है. सरकार का दावा है कि इस डिजिटल माध्यम से गन्ना किसानों को खेती की उन्नत तकनीक, गन्ने की नई किस्मों और उत्पादन बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी जा रही है. गन्ना विकास परिषद ये प्रशिक्षण कार्यक्रम फरवरी, 2024 से चला रही है. जिसकी पहुंच 15 लाख से अधिक गन्ना किसानों तक हो चुकी है. फेसबुक लाइव से प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ प्रदेश के किसानों के साथ उत्तराखंड और नेपाल के गन्ना किसानों को भी मिल रहा है.

