֍:§ֆ:भारतीय खाद्य निगम और राज्य एजेंसियों ने गेहूं की खरीद का एक बड़ा हिस्सा मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से खरीदा है. वहीं, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात की मंडियों में गेहूं की आवक अब तक 2.6 मीट्रिक टन हो चुकी है, जबकि एक साल पहले सिर्फ 0.98 मीट्रिक टन अनाज की आवक हुई.§ֆ:केंद्रीय पूल स्टॉक में सबसे बड़े योगदानकर्ता, पंजाब और हरियाणा में खरीद कार्य अगले सप्ताह तक शुरू होने की संभावना है. सरकार का लक्ष्य 2025-26 सीजन में मुख्य रूप से पंजाब (12.4 मीट्रिक टन), हरियाणा (7.5 मीट्रिक टन), मध्य प्रदेश (6 मीट्रिक टन), उत्तर प्रदेश (3 मीट्रिक टन), राजस्थान (2 मीट्रिक टन) और गुजरात (0.1 मीट्रिक टन) से MSP के तहत किसानों से 31 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का है.§֍:उत्पादन में बढ़ोतरी§ֆ:कृषि मंत्रालय की ओर से 2024-25 सीजन क दौरान गेहूं उत्पादन का रिकॉर्ड 115.3 मीट्रिक टन होने का अनुमान है, जो पिछले साल की तुलना में 2 फीसदी ज्यादा है. इस सीजन में गेहूं की बुवाई 31.56 मिलियन हेक्टेयर से बढ़कर 32 मिलियन हेक्टेयर हो गई है. एक आधिकारिक नोट के अनुसार, एजेंसियों ने 2024-25 खरीद सत्र में 22 लाख किसानों से 61,000 करोड़ रुपये का एमएसपी मूल्य देकर 26.6 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था.§֍:मप्र सरकार देगी बोनस§ֆ:एफसीआई के पास 1 अप्रैल के लिए 7.46 मीट्रिक के बफर स्टॉक के मुकाबले 12 मीट्रिक टन गेहूं का स्टॉक है. मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार ने इस सीजन क लिए 2425 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी पर क्रमशः 175 रुपये प्रति क्विंटल और 150 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस भुगतान की घोषणा की है.§देश के कई राज्यों में गेहूं की खरीद शुरु हो गई है. सरकार ने इस सीजन को लेकर किसानों से एमएसपी पर गेहूं की खरीद तेज कर रही है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2 अप्रैल तक 10 लाख टन से ज़्यादा गेहूं खरीदा है, जबकि पिछले साल इस समय तक सिर्फ 3.5 लाख टन ही गेहूं खरीदा गया. खरीद में अधिक बढ़ोतरी की वजह मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात में दो हफ़्ते पहले ही गेहूं की शुरुआती खरीद और अच्छी आवक है.

