֍:इन लोगों को मिला पुरुस्कार §ֆ:1. डॉ. अभिलाषा त्रिपाठी (आउटस्टैंडिंग डॉक्टोरल रिसर्च अवार्ड फॉर वुमेन)
2. डॉ. दिब्येंदु चटर्जी (यंग साइंटिस्ट अवार्ड)
3. डॉ. संदीप बेदवाल (डॉक्टोरल रिसर्च अवार्ड)
§֍:§ֆ:समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. त्रिलोचन महापात्रा, जो कि प्लांट वैरायटीज एंड फार्मर्स राइट्स अथॉरिटी के अध्यक्ष और पूर्व सचिव, कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग के सदस्य हैं, ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और पौध पोषण अनुसंधान के महत्व को बताया. मोजेक कंपनी के अध्यक्ष और सीईओ ब्रूस बोडाइन और एस एम सहगल फाउंडेशन की ट्रस्टी और सीईओ अंजली मखीजा ने भी इस कार्यक्रम में अपने विचार साझा किए. बोडाइन ने कहा, “खाद्य सुरक्षा आज की सबसे बड़ी चुनौती है, और हमें ऐसे वैज्ञानिकों की आवश्यकता है जो टिकाऊ कृषि के लिए नए समाधान प्रस्तुत कर सकें.” मखीजा ने “कृषि ज्योति” परियोजना की सफलता को साझा किया, जो मोजेक कंपनी और सहगल फाउंडेशन की दीर्घकालिक साझेदारी का परिणाम है और जिसने 273 गांवों में 8 लाख ग्रामीणों के जीवन को बदलने में मदद की है.§1 अप्रैल को मोजेक कंपनी फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल फूड सिस्टम और एसएम सहगल फाउंडेशन ने मिलकर हरियाणा के ली मेरिडियन होटल में एक विशेष समारोह का आयोजन किया. इसमें पौध पोषण में सबसे अव्वल खोज को सम्मानित करने के लिए मोजेक कंपनी फाउंडेशन अवार्ड्स फॉर प्लांट न्यूट्रिशन रिसर्च की दसवीं वर्षगांठ मनाई गई. यह पुरस्कार पौध पोषण के क्षेत्र में विज्ञान, नवाचार और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वालों को दिया गया.

