֍:रकबे में गिरावट§ֆ:सरकारी आंकड़ों के अनुसार, करीब 10 साल पहले हाड़ौती में एक लाख हेक्टेयर में धनिया का उत्पादन होता था. 2024-25 में यह घटकर करीब 40 हजार हेक्टेयर रह गया है यानी इसमें करीब 60 फीसदी की गिरावट आई है. हॉर्टीकल्चटर डिपार्टमेंट ज्वॉोइन्टइ डायरेक्टेर आरके जैन ने ईटीवी राजस्था4न को बताया है कि कोटा और हाड़ौती धनिया की खेती के लिए पूरे भारत में मशहूर रहे हैं.§֍:लहसुन की खेती में इजाफा§ֆ:भारतीय किसान संघ क जिला मंत्री रूपनायण यादन ने बताया कि किसानों के बीच लहसुन ने धनिया की जगह ले ली है. इनके अनुसार, किसानों को लहसुन का ज्याछदा उत्पादन मिल रहा है और इसके अच्छे दाम भी मिल रहे हैं. लहसुन का उत्पादन 70-75 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो रहा है जबकि धनिया का अधिकतम उत्पादन सिर्फ 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है. आरके जैन कहते हैं कि धनिया का रकबा घट रहा है और लहसुन का रकबा बढ़ रहा है. उन्होंने बताया कि पिछले 6 सालों में धनिया का रकबा 50 हजार हेक्टेयर के आसपास था. यह कीमत कम होने से 87 हजार हेक्टेयर के आसपास पहुंच गया. अब लहसुन का रकबा 40 हजार हेक्टेयर हो गया है. §राजस्थान में धनिया की खेती काफी अधिक मात्रा में की जाती है. लेकिन अब धनिया के उत्पाादन में आई गिरावट आ रही है. इसकी वजह धनिया की कीमत में कमी आने को माना जा रहा है. एक्सपर्ट्स की मानें तो इस बदलाव के पीछे वह बीमारी है जिसने धनिया के उत्पाटदन पर असर डाला है. किसान अब धनिया की जगह लहसुन को तरजीह दे रहे हैं.

