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Home कृषि समाचार

कृषि ज्योति परियोजना से राजस्थान के अलवर जिले के गाँवों और स्कूलों को लाभ

Fiza by Fiza
April 1, 2025
in कृषि समाचार
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कृषि ज्योति परियोजना से राजस्थान के अलवर जिले के गाँवों और स्कूलों को लाभ
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कृषि ज्योति परियोजना के तहत 31 मार्च, 2025 को राजस्थान के अलवर जिले में एक चेक डैम और एक नवीनीकृत स्कूल का उद्घाटन किया गया। इस सामुदायिक समारोह में द मोसेक कंपनी के अध्यक्ष और सीईओ ब्रूस बोडाइन, कार्यकारी उपाध्यक्ष (कमर्शियल) श्रीमती जेनी वांग, उपाध्यक्ष (पब्लिक अफेयर्स) और द मोसेक कंपनी फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल फूड सिस्टम्स के अध्यक्ष बेंजामिन प्रैट, मोसेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रॉबिन एडविन और कंट्री एग्रोनॉमिस्ट डॉ. शशिकांत भेंडे ने भाग लिया। एस एम सहगल फाउंडेशन की ओर से ट्रस्टी और सीईओ अंजलि मखीजा, मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) अंजलि गोडयाल और अन्य टीम सदस्यों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

दिनभर चले इस आयोजन में नांगला चिरावंडा में चेक डैम और खैरथल-तिजारा तहसील के सोतका गाँव में स्थित सरकारी अपर प्राइमरी स्कूल का उद्घाटन किया गया, जिनका नवीनीकरण 2021 में किया गया था। चेक डैम का उद्देश्य भूजल स्तर का पुनर्भरण करना है, जिससे सालभर सिंचाई के लिए जल उपलब्ध रहे। भविष्य में इस पहल से पूरी उम्मीद है कि इस डैम से लगभग 1,110 लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और गिरते भूजल स्तर पर अंकुश लगेगा । इससे क्षेत्र में बाजरा और सरसों की फसल की सिंचाई में भी सहायता मिलेगी।

स्कूल को एक प्रेरणादायक और सुरक्षित शिक्षण वातावरण के रूप में पुनर्निर्मित किया गया है, जो अब 181 छात्रों और 10 शिक्षकों के लिए एक स्वच्छ और सुसज्जित स्थान प्रदान करता है। इस उपलब्धि में समुदाय की सक्रिय भागीदारी और सहयोग प्रमुख रहा है। ग्राम विकास समिति (वीडीसी) और स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) ने इस पहल की निरंतरता और स्वामित्व को सुनिश्चित किया है। स्कूल के शिक्षक, विद्यार्थी, माता-पिता, ग्राम पंचायत के सदस्य, एसएमसी और वीडीसी के प्रतिनिधियों ने भी इस संदर्भ में खुशी व्यक्त की।

बेंजामिन प्रैट ने कृषि ज्योति परियोजना में द मोसेक कंपनी फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल फूड सिस्टम्स के निवेश को कंपनी के मिशन का प्रतिबिंब बताया, जिसका उद्देश्य दुनिया को खाद्य सुरक्षा प्रदान करना है। रॉबिन एडविन ने समुदाय और स्कूली बच्चों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव पर प्रसन्नता जताई।

एस एम सहगल फाउंडेशन की ट्रस्टी और सीईओ, अंजलि मखीजा ने परियोजना में दीर्घकालिक साझेदारी के लिए द मोसेक कंपनी फाउंडेशन को धन्यवाद दिया तथा ग्रामवासियों को इस उपलब्धि में उनकी भागीदारी के लिए सराहा। उन्होंने कृषि, जल प्रबंधन और शिक्षा के क्षेत्रों में परियोजना के समग्र कार्यों की प्रशंसा की।
§֍:द मोसेक कंपनी के विषय में §ֆ:द मोसेक कंपनी दुनिया की प्रमुख फॉस्फेट और पोटाश फसल पोषक तत्वों की उत्पादक और वितरक है। मोसेक वैश्विक कृषि उद्योग के लिए फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों एवम फीड सामग्री का एकमात्र स्रोत है। §۩:Uploads/NewsImages/01-04-2025/5eaC4uMzWPCxkQSyaf1S.jpg|§֍:द मोसेक कंपनी फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल फूड सिस्टम्स के विषय में§ֆ:द मोसेक कंपनी फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल फूड सिस्टम्स एक कर-मुक्त निजी फाउंडेशन है, जो आंतरिक राजस्व संहिता धारा 501(c)(3) के तहत पंजीकृत है। यह फाउंडेशन द मोसेक कंपनी से अलग एक स्वतंत्र कानूनी इकाई है, जिसका संचालन स्वतंत्र निदेशक मंडल और अधिकारी करते हैं। यह मोसेक कंपनी द्वारा आर्थिक सहायता प्राप्त संस्थान है। §֍:एस एम सहगल फाउंडेशन के विषय में§ֆ:हर व्यक्ति को अधिक सुरक्षित, समृद्ध और गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार है। इसी दृष्टि के साथ, एस एम सहगल फाउंडेशन ग्रामीण भारत में सकारात्मक सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय परिवर्तन लाने के लिए समुदाय-नेतृत्व वाली विकास पहल को सशक्त करता है। §दुनिया की कुल जनसंख्या का सातवां हिस्सा भारत में निवास करता है, जिसमें अधिकांश लोग कृषि पर निर्भर हैं। ऐसे में इस क्षेत्र का निरंतर विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है। ‘कृषि ज्योति’ परियोजना, जो द मोसेक कंपनी फाउंडेशन फॉर सस्टेनेबल फूड सिस्टम्स और एस एम सहगल फाउंडेशन की साझेदारी है, 2008 में हरियाणा के नूंह जिले के दो गांवों से शुरू हुई थी। अब यह परियोजना जल प्रबंधन और शिक्षा को भी शामिल करते हुए एक समग्र विकास परियोजना बन गई है। यह परियोजना अब तक सात राज्यों के 273 गांवों में 7.6 लाख लोगों तक पहुँचने में सफल हुई है।

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