֍:AI की डिमांड§ֆ:एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुत्तों में एंडोस्कोपिक आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन (एआई) की पालतू जानवरों के मालिकों और प्रजनकों के बीच काफी डिमांड है. विभाग ने पहले ही कैनाइन सीमेन क्रायोप्रिजर्वेशन और एआई की प्रक्रियाओं को मानकीकृत कर दिया है. ये वीर्य बैंक देश में अत्याधुनिक और अपनी तरह का पहला कैनाइन सीमेन बैंक होगा, जहां सामान्य और दुर्लभ नस्लों के वीर्य को भविष्य के प्रजनन उद्देश्यों के लिए संरक्षित किया जा सकेगा. ये वीर्य बैंक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली, लुधियाना द्वारा अनुभवात्मक शिक्षण परियोजना (ईएलपी) के तहत तैयार किया जा रहा है.§֍:अन्य पशुओं में चल रही AI तकनीक§ֆ:देशभर में गाय-भैंस और भेड़-बकरी की एआई हो रही है. देश में जगह-जगह सीमन बैंक बने हुए हैं. एक बैल के जितने वीर्य से प्राकृतिक तरीके से एक गाय गाभिन होती है, अब एआई की मदद से उतने सीमन में 200 वीर्य की स्ट्रॉ बन जाती हैं. और एक गाय तीन स्ट्रॉ से गाभिन हो जाती है. अब तो बाजार में सैक्स सॉर्टेड सीमन भी आ गया है, जो गाय के लिए है. §भारत में कई लोग कुत्ते को पालना पसंद करते हैं. लेकिन वे अपनी फैमिली डॉग के बच्चे करने के लिए काफी परेशान रहते हैं, क्योंकि उन्हें सही समय पर सही ब्रीड का मिलना काफी मुश्किल हो जाता है. इसके लिए अब एक वीर्य बैंक को शुरु किया जा रहा है, जिसमें पशु प्रजनन के क्षेत्र में आईसीएआर द्वारा मान्यता प्राप्त उन्नत संकाय प्रशिक्षण केंद्र (सीएएफटी) भी है. बच्चे करने की जरूरत को पूरा करने के लिए देश में कुत्तों का पहला वीर्य बैंक बनाने को हरी झंडी मिल गई है. 45 लाख रुपये की लागत से ये वीर्य बैंक गुरु अंगद देव वेटरनरी और एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी (गडवासु), लुधियाना में बनाया जाएगा.

