֍:किसान नेताओं ने कही ये बात§ֆ:किसान नेताओं ने कहा कि यह पहली बार हुआ कि बातचीत के लिए बुलाकर किसानों को गिरफ्तार किया गया हो. सरकार की ओर से यह असामाजिक और अलोकतांत्रिक के साथ-साथ अनैतिक काम किया गया है. किसान नेताओं ने कहा कि पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में कुछ अपराधी प्रवृति के लोगों ने शंभू और दातासिंहवाला-खनौरी किसान मोर्चों से 19 मार्च को किसानों का सामान चोरी किया जिसके लिए राज्य सरकार ज़िम्मेदार है. §ֆ:किसान नेताओं कहा कि किसानों के समान की भरपाई की सारी जिम्मेदारी सरकार की है और सरकार से एक-एक चीज का हिसाब-किताब किया जाएगा. किसान नेताओं ने कहा कि जेलों की ऊंची दीवारें हमारा हौसला नहीं तोड़ सकतीं और किसानों के हकों और अधिकारों के लिए लड़ते हुए हम भविष्य में भी सैंकड़ों बार जेल में जाने को तैयार हैं.§संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा ने एक प्रेस रिलीज में कहा, पंजाब की अलग-अलग जेलों में बंद सभी किसानों के शुक्रवार सुबह 2 बजे रिहा होने के बाद अपने आमरण अनशन के 123वें दिन किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने जल ग्रहण किया और मेडिकल सहायता लेनी शुरू की. वे अभी पंजाब के पटियाला में “पार्क हॉस्पिटल” में पुलिस कस्टडी में हैं. किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन जारी है और सरकारी तंत्र की ओर से उनके आमरण अनशन समाप्त करने जैसी अफवाहें फैलाई जा रही हैं जिनसे सावधान रहने की जरूरत है. जगजीत सिंह डल्लेवाल की तबियत बेहद नाजुक है और उन्हें बोलने में भी समस्या आ रही है. मालूम हो कि 19 मार्च को चंडीगढ़ में केंद्र सरकार के साथ मीटिंग से वापस आते समय पंजाब पुलिस ने किसानों को धोखे से गिरफ्तार कर लिया था. वहीं, शंभू और दातासिंहवाला-खनौरी किसान मोर्चे पर पुलिस ने हिंसात्मक और अलोकतांत्रिक कार्रवाई करते हुए किसान मोर्चों को बलपूर्वक उठाने का काम किया था.

