֍:शिवराज सिंह चौहान ने कही ये बात§ֆ:केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे यहां छोटी जोत के किसान होते हैं. दुनियाभर में अगर देखें तो 5 से से 10 हजार एकड़ के फार्म एक किसान के पास हैं, जबकि हमारे यहां 86% से ज्यादा छोटे और सीमांत किसान हैं, जिनके लिए आजीविका की गाड़ी चलाना मुश्किल होता है. इनके लिए खेती को फायदे का सौदा बनाने की हमारी 6 सूत्रीय रणनीति है. पहली, प्रति हेक्टेयर उत्पादन बढ़ाना. नंबर दो, उत्पादन लागत घटाना. नंबर तीन, उत्पाद का उचित मूल्य देना. नंबर चार, यदि कोई आपदा आ जाए, तो नुकसान की भरपाई करना. नंबर पांच, कृषि का विविधीकरण और नंबर छह, धरती की सेहत का खयाल रखना.§֍:जारी की नई किस्में§ֆ:उन्होंने आगे कहा कि उत्पादन बढ़ाने के लिए पिछले वर्ष बीजों की 109 नई किस्में जारी की हैं. हमारा फोकस है कि टेक्नालॉजी को लैब टू लैंड तक पहुंचाएं, लेकिन हमारी सीमाएं भी हैं. दूसरे देश जीएम सीड से बंपर उत्पादन करते हैं, लेकिन हम अलाऊ नहीं करते. दूसरे देशों में उत्पादन बहुत होता है, लेकिन हमारे यहां कम है, क्योंकि हमें प्रकृति के साथ खिलवाड़ नहीं करना है. अच्छे बीज, मेकेनाइजेशन, किसान के पास लगाने के लिए पूंजी भी हो. हमने केसीसी की राशि की सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की है. §֍:
प्याज पर निर्यात शुल्क हटाया
§ֆ:केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्याज पर 40% एक्सपोर्ट ड्यूटी थी, उसे घटाकर 20% की और अब 1 अप्रैल से 0% कर दी है. सोयाबीन की इंपोर्ट ड्यूटी 0% थी, उसे हमने 27.5% कर दिया, ताकि हमारे किसान को बेहतर दाम मिले. इसी तरह, बासमती चावल के निर्यात पर एक्सपोर्ट ड्यूटी हमने 0% कर दी. चौहान ने कहा कि एफपीओ के लिए लाइसेंस नीति सरल और आसान हो, इस पर हम काम करेंगे. केसीसी कार्ड के बारे में भी विचार करेंगे. जहां समस्याएं हैं, वहां जूझेंगे. किसान-खेती बची रहे, उसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.§देश का राजधानी दिल्ली में स्थित पूसा के ए.पी. शिंदे सभागृह में पिछले दिन यानि 26 मार्च को माही नेशनल को-आपरेटिव फेडरेशन आफ FPO’s द्वारा आयोजित “Strengthening FPOs – Empowering Farmers” कार्यक्रम आयोजित हुआ. इसका शुभारंभ केंद्रीय कृषि एंव किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा. किसान अन्नदाता है, सब्जीदाता है, फल दाता है. किसान जीवनदाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में किसानों की सेवा करने का विनम्र प्रयास हम कर रहे हैं. हम सब एक विशिष्ट लक्ष्य की पूर्ति के लिए काम कर रहे हैं.

