֍:ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ाने पर जोर§ֆ:जल शक्ति मंत्रालय के मंत्री, डॉ. राज भूषण चौधरी ने सरकारी योजनाओं पर चर्चा करते हुए बताया कि किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए छोटी लग सकती है, लेकिन इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है. उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और जब तक हम कृषि पर काम नहीं करेंगे, हम आगे नहीं बढ़ सकते. उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में भूजल घट रहा है, वहां जल संचय जन भागीदारी पहल शुरू की गई है. उन्होंने ड्रोन के माध्यम से कीटनाशकों के छिड़काव को एक महत्वपूर्ण तकनीकी प्रगति बताया.§֍:कृषि आयुक्त ने कही ये बात§ֆ:कृषि आयुक्त, डॉ. पी.के. सिंह ने 2047 तक आत्मनिर्भर बनने के लिए सरकारी योजनाओं की प्रगति की निगरानी करने के महत्व पर चर्चा की. उन्होंने किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना और ई-नाम जैसी योजनाओं की सफलता पर प्रकाश डाला. उन्होंने कृषि अवसंरचना कोष, प्राकृतिक खेती मिशन, राष्ट्रीय बाजरा मिशन, डिजिटल कृषि मिशन और तिलहन मिशन जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया.§֍:पीएचडीसीसीआई अध्यक्ष ने कही ये बात§ֆ:पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष, हेमंत जैन ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, राष्ट्रीय कृषि किसान योजना और किसान बीमा योजना जैसी सरकारी पहलों की सराहना की. पीएचडीसीसीआई के कृषि व्यवसाय समिति के अध्यक्ष, डॉ. आर.जी. अग्रवाल ने अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया और किसानों को उचित प्रशिक्षण, उचित मूल्य निर्धारण और नकली कीटनाशकों के मुद्दे को हल करने का सुझाव दिया. §पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा ‘खाद्य सुरक्षा, आर्थिक विकास और 2047 तक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करके विकसित भारत की ओर हरित मार्ग पर चलना’ विषय पर राष्ट्रीय कृषि इनपुट कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन हुआ. इस दौरान केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि कृषि भविष्य में सबसे बड़ा उद्योग होगा और इसे उद्योग से अधिक ध्यान और निवेश की जरूरत है. उन्होंने वैज्ञानिकों, उद्योगपतियों और किसानों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके कठिन परिश्रम से भारत अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बना है. वहीं, सरकार दालों और तिलहन फसलों में चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करने में जोर दे रहा है. खेती में तकनीक की वजह से बहुत बदलाव आया है. उन्होंने बताया कि तकनीक की मदद से बाजरा की फसल चक्र120 दिनों से घटकर 70 दिनों की हो गई है.

