֍:क्या है वजह?§ֆ:एसकेएम नेता प्रेम सिंह भंगू कहा कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन विशेष रूप से किसानों पर हो रहे सरकारी दमन के खिलाफ है. उन्होंने बताया कि किसानों के आंदोलन को पहले चंडीगढ़ में बलपूर्वक दबाया गया, फिर शंभू और खनौरी में चल रहे संघर्ष को भी दबाने के लिए बुलडोजर का उपयोग किया गया. इस दौरान कई किसान नेताओं और किसानों को जेल में डाला गया, और उनके ट्रैक्टर-ट्रेलर सहित अन्य उपकरणों को भारी नुकसान पहुंचाया गया. §֍:किसान नेताओं की गिरफ्तारी और नुकसान§ֆ:एसकेएम और अन्य किसान संगठनों ने इस विरोध प्रदर्शन में सरकार से कई अहम मांगें हैं. इनमें शंभू और खनौरी में किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की जाए और जिन किसान नेताओं को गिरफ्तार किया गया है. उन्हें रिहा किया जाए. इसमें खासतौर पर उन्होंने जगजीत सिंह डल्लेवाल की कथित अवैध हिरासत की निंदा करते हुए उनकी जल्द रिहाई की मांग की है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस उन आरोपियों पर नरम रुख अपना रही है, जो चोरी के आरोप में पकड़े गए थे. किसानों का कहना है कि सरकार की नीतियां न केवल उन्हें परेशान कर रही हैं, बल्कि उनके जीवन और कृषि को भी संकट में डाल रही हैं.§हाल ही में तीन किसान मंचों की ओर से विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की गई है. बता दें कि पिछले कुछ समय में किसानों और सरकार के बीच बातचीत के पांच दौर विफल हो गए, जिस वजह से यह प्रदर्शन महत्वपूर्ण है. वर्मान समय में दतीन प्रमुख किसान मंचों ने विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया है. इस प्रदर्शन का आयोजन केएमएम और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) द्वारा किया जाएगा. 28 मार्च को ‘दमन विरोधी दिवस’ के रूप में मनाए जाने वाले प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे.

