֍:कही ये बात§ֆ:लोकसभा में जानकारी देते हुए मंत्रालय ने कहा है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के नियमों के तहत खाद्य व्यवसाय संचालक (FBO) के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं. खासतौर से वो संचालक जो कच्चे माल की खरीद से लेकर उपभोक्ताओं तक तैयार माल की डिलीवरी करते हैं. ऐसे संचालकों को फूड प्रोडक्ट की ट्रेसेबिलिटी तय करनी होगी. फूड से जुड़ी पारदर्शिता, जवाबदेही और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए संचालकों को आपूर्ति श्रृंखला में उचित रिकॉर्ड और दस्तावेज रखने होंगे. निरीक्षण और ऑडिट के दौरान जरूरत पड़ने पर ये दस्तावेज पेश करने होंगे. अगर ऐसा नहीं होता है तो उल्लंघन के मामले में उचित नियामक कार्रवाई की जा सकती है.§खाद्य सुरक्षा पर ध्याव देने के लिए FSSAI अब शहरों के साथ गांव-गांव में जाकर खाने की चीजों के सैंपल इकट्ठा कर रही है. यह सब “फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स” (FSW) की बदौलत मुमकिन हो रहा है. दरअसल, अब एफएसडब्ल्यू FSSAI की वाहन पर चलती-फिरती लैब है. 25 मार्च को केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने ये जानकारी लोकसभा में उठे एक सवाल के जवाब में दी है. मंत्रालय का कहना है कि एफएसडब्ल्यू की मौजूदा वक्त में देश के 35 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश में 285 यूनिट दौड़ रही हैं.

