֍:जल्द कराएं पंजीकरण§ֆ:कृषि विभाग ने रिपोर्ट जारी की, जिसके अनुसार, राज्य में कुल 89.86 लाख एकड़ कृषि योग्य भूमि में से 60.21 लाख एकड़ रबी फसलों का पंजीकरण हो चुका है, जो कुल पंजीकरण का 67.01% है. हालांकि, इस आंकड़े में असमानता है, जहां कुछ जिलों में पंजीकरण दर अधिक है, जबकि कुछ जिलों में यह बहुत कम है. पंजीकरण के मामले में चरखी दादरी में 91.72% पंजीकरण हुआ है, जो सबसे अधिक है. इसके बाद महेंद्रगढ़ (82.94%) और भिवानी (78.55%) जिले हैं. इन जिलों के किसानों को एमएसपी पर अपनी उपज बेचने में कोई परेशानी नहीं होगी.§֍:इन जिलों में सबसे कम पंजीकरण§ֆ:कम पंजीकरण वाले जिलों में गुरुग्राम (42.33%), मेवात (43.20%) और सोनीपत (45.20%) सहित कुछ जिलों में पंजीकरण दर काफी कम है. इन जिलों में पंजीकरण कम होने के कारण किसानों को अपनी उपज एमएसपी पर बेचने में दिक्कत आ सकती है. नतीजतन, किसानों को अपनी फसल निजी खरीदारों को बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है, जिससे उन्हें अपनी उपज कम कीमत पर बेचनी पड़ सकती है.§रबी सीजन क शुरुआत के साथ अब नई आवक मंडियों में पहुंचनी शुरु हो गई है. मगर इसकी सही दाम परल बिक्री के लिए किसानों द्लाका “मेरी फसल, मेरा ब्योरा” पोर्टल पर फसल पंजीकरण की दर अपेक्षाकृत कम रही है. सरकार ने किसानों को सुविधा देने के लिए पोर्टल एक बार फिर 27 मार्च तक खोल दिया है. यह कदम किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने का मौका देगा.

