֍:ये देश कब्जा रहे बाजार§ֆ:केरल एक्सपोर्टर्स फोरम के सचिव सीटी मुंशीद ने कहा कि केरल के कई एक्सपोर्टर्स महाराष्ट्र के नासिक से प्याज खरीदकर खाड़ी देशों के बाजारों में एक्सपोर्ट करते हैं, लेकिन 20 प्रतिशत निर्यात शुल्क के चलते भारतीय प्याज अन्यज देशों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहा है. उन्होंतने कहा कि खाड़ी देश, पाकिस्तान, मिस्र, तुर्किये और ईरान जैसे देशों से सस्तीक दर पर प्यायज का आयात कर रहे हैं, ये सभी देश हमारी प्रतिस्पनर्धी हैं.§֍:अनुमानित उत्पादन 28.88 मिलियन टन§ֆ:कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने बागवानी फसलों को लेकर पहले अग्रिम अनुमान में चालू फसल सीजन के दौरान जून में प्याज का उत्पादन 28.88 मिलियन टन रहने की बात कही है. एक साल पहले 24.27 मिलियन टन प्याज उत्पादन हुआ था. अभी बाजार में प्याज की मॉडल कीमतें 1525 रुपये प्रति क्विंटल और लाल किस्म क लिए 1570 रुपये प्रति क्विंटल चल रही हैं. वहीं, केरल निर्यातकों के मंच ने कहा है कि वे अगले हफ्ते विदेस व्यापार महानिदेशक और सरकार की ओर से बुलाई गई संयुक्त बैठक में एक्पसपोर्ट ड्यूटी हटाने की मांग करेंगे.§प्याज की फसल इस बार अच्छी हुई है. साथ ही बंपर उत्पादन हुआ है मगर घरेलू बाजार में किसानों को उपज का दाम कम मिल रहा है. वहीं, दूसरी ओर 20 प्रतिशत निर्यात शुल्क के कराण विदेश बाजार में भी पकड़ छूटती जा रही है. भारत खासकर खाड़ी देशों में दूसरे देशों के सस्ते प्याज से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहा है. केंद्र सरकार ने पिछले साल मई में प्याज निर्यात पर 40 प्रतिशत एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाने के बाद सिंतबर में 20 प्रतिशत कर दिया था. व्यापारियों का कहना है कि भारत के निर्यात शुल्क के चलते खरीदार देश अन्य सस्ते प्याज निर्यातक देशों की ओर जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं. इससे देश के किसानों को भी नुकसान हो रहा है.

