֍:किलोमीटरों तक लगे थे टेंट§ֆ:किसानों ने शंभू बॉर्डर पर करीब ढाई किलोमीटर के क्षेत्र में टेंट सिटी बसा ली थी. यहां किसानों ने टेंट में अपने अस्थाई घर बना लिए थे. ट्रैक्टर-ट्रालियों को भी तिरपलों से ढक कर घरों का रूप दिया गया था. अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार बीकेयू एकता सिद्धूपुर के इकाई सुखबीर सिंह माही ने कहा कि पंजाब सरकार ने पूरी प्लानिंग करके बैठक से लौटते उनके किसान नेताओं को रास्ते से उठाया. इसके बाद बॉर्डरों पर पुलिस ने एक्शन करके किसानों को वहां से खदेड़ा और उनके सारे सामान को तोड़-फोड़ दिया. बुलडोजर की मदद से मंच को ढहा दिया और टेंट भी उखाड़ दिए. उन्होंने आरोप लगाया है कि किसानों का करीब ढाई से तीन लाख रुपये का सामान चोरी हो गया है. §֍:देना चाहिए था समय§ֆ:किसान नेता कुलदीप सिंह का कहना है कि सरकार क किसानों पर अचानक से इस तरह का एक्शन नहीं करना चाहिए था. किसानों को दो-तीन दिनों का समय देना चाहिए था. किसानों ने गांव-गांव जाकर लोगों से आर्थिक मदद लेकर व खुद अपनी जेब से खर्च करके बॉर्डर पर पंखे, कूलर, एसी, इन्वर्टर, बैटरियां व अन्य साजो सामान का इंजतजाम किया था. §शंभू बॉर्डर पर आंदोलनकारी किसानों ने कई टेंट लगा रखे थे, जहां जरूरत का हर सामान उलब्ध था. किसानों ने इन स्थाई घरों से लेकर दफ्तर, लंगर हॉल, स्टोर रूम, शौचालय तक बना लिए थे. अब पुलिस एक्शन के बाद टूटे टेंट, बिखरा सामान, मलबे के ढेर में बदल गया है. नेतां को हिरासत में लिए जाने के बाद किसान अब पूरी तरह से सरकार व पुलिस प्रशासन के सामने घुटने टेक चुके हैं.

