֍:इस जगह हुआ क्रैश§ֆ:जगुआर क्रैश के कुछ घंटे बाद इस्टर्न सेक्टर में एक और दुर्घटना घटी. यह छोटा मालवाक विमान An-32 के साथ हुआ. एयर बेस में ही यह दुर्घटान का शिकार हो गया. गनीमत है कि एयरक्राफ्ट में मौजूद पायलट और क्रू सुरक्षित है इस घटना की पुष्टी एयरफोर्स की तरफ से की गई है. एयरक्राफ्ट को दिर्घटना स्थल से रिकवर कर लिया गया है. लेकिन दुर्घटना के कारोणों के बारे में फिलहाल कोई जानकारी साझा नहीं की है. वायुसेना ने इस दुर्घटना के भी जांच के आदेश दिए हैं. फिलहाल एयरफोर्स के पास AN-32 एयरक्राफ्ट की संख्या 100 से ज्यादा है. यह वायुसेना का मुख्य ट्रांसपोर्ट विमान है. 45 AN-32 विमानों का अपग्रेडेशन 2015 में यूक्रेन में पूरा हुआ था, जबकि बाकी विमान IAF के बेस रिपेयर डिपो कानपुर में किया जाना तय किया था. इन विमानों को रूस और यूक्रेन की जंग से पहले ही अपग्रेड कर लिया गया था.§֍:क्या है इन हादसों की वजह§ֆ:
भारतीय सेना की ट्रेनिंग सबसे अव्वल दर्जे की होती है. इसमें कोई शक नहीं कि दुनिया के सबसे बेहतरीन पायलटों में भारत वायुसेना के पायलट आते हैं. एयरक्राफ्ट उड़ता है तो अलग अलग कारणों के चलते दुर्घटनाग्रस्त भी होता है. वायुसेना में इन कारणों को इस तरह से बांटा गया है. HE(A) यानी ह्यूमन एरर एयरक्रू , TD यानी टेक्निकल डिफेक्ट, BS बर्ड स्ट्राइक, FOD फॉरन ऑब्जेक्ट डिफेक्ट , HE(S) ह्यूमन एरर सर्विसेज.
§भारतीय वायुसेना के लिए शुक्रवार यानि पिछला दिन काफी भारी गया है. इस दौरान दो विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए. दिन का पहला क्रैश भारतीय वायुसेना के डीप पेनिट्रेशन स्ट्राइक एयरक्राफ्ट जगुआर साथ हुआ. यह एयरक्राफ्ट ने अंबाला एयर बेस से अपनी रुटीन उड़ान के तहत टेकऑफ लिया था. दोपहर 3 बचकर 45 मिनट के करीब पंचकुला के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया. पायलट ने अपनी सूझबूझ से एक बड़े हादसे को होने से बचा लिया. जिस वक्त जगुआर में तकनीकी खराबी आई थी उस वक्त वह पंचकुला शहर के उपर उडान भर रहा था. एयरक्राफ्ट शहर में ना गिरे जिसके लिए पायलन उसे शहर से बाहर कि तरफ ले गया और उसके बाद एयरक्राफ्ट से इजेक्ट किया.

