֍:सौर ऊर्जा को भी बढ़ावा§ֆ:राज्य के मुख्यमंत्री ने लगातार अक्षय ऊर्जा के महत्व पर जोर दिया है. इसे वास्तविक ऊर्जा बताया है. 2019 में इसको लेकर जल जीवन हरियाली योजना शुरु की गई थी, इससे उन्होंने किसानों को सौर ऊर्जा अपनाने क लिए प्रेरित किया. ऊर्जा विभाग ने महंगी तपीय बिजली से लेकर अधिक टिकाऊ अक्षय ऊर्जा विकल्पों तक कृषि गतिविधियों के लिए बिजली की आपूर्ति उपायों को लागू करना शुरु कर दिया है. §ֆ:पीटीआई के अनुसार सरकार ने सौर ऊर्जा आधारित कृषि फीडर शुरू करने का फैसला किया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध हो सके. इस बदलाव से रात के समय सिंचाई की जरूरत खत्म हो जाएगी, जिससे किसानों पर काम का बोझ कम होगा. इस परियोजना के तीसरे चरण के लिए ट्रेंडर शुरू कर दिए गए हैं. §֍:मिलेगी 92 प्रतिशत सब्सिडी§ֆ:मुख्य सचिव अमृत लाल मीना ने इस पहल को राज्य की बढ़ती ऊर्जा मांगों को पूरा करने और सूखे जैसी स्थितियों के प्रभाव को कम करने में अहम कदन बताया है. इसमें कुल 3,000 ऐसे फीडरों में से 2,500 को पहले बनाया जा चुका है. बयान में कहा गया है कि बिहार सरकार किसानों को बिजली पर 92 प्रतिशत से अधिक सब्सिडी देती है, जिससे यह डीजल से 10 गुना सस्ती पड़ती है.§बिहार में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से किसानों के लए कई योजनाएं चलाई जाती हैं. ऐसे में अब किसानों को जून 2025 तक बिजली कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है. राज्य सरकार का कहना है कि किसानों को खेती कार्यों में आसानी और सुलभता देने के लिए कनेक्शन जल्द दिए जाएंगे. बिहार सरकार किसानों को बिजली पर 92 फीसदी से अधिक सब्सिडी देती है, जिससे किसानों के लिए डीजल से भी सस्ता विकल्प हो जाएगा. जून तक कृषि गतिविधियों के लिए 2.85 लाख और किसानों को बिजली कनेक्शन मिलेंगे. अधिकारियों ने बताया कि बिहार में इस साल जून तक करीब 2.85 लाख किसानों को बिजली कनेक्शन मिलने वाले हैं.

