֍:खरबूजे की उन्नत किस्में§ֆ:एक एकड़ खरबूजे की खेती के लिए 1.5 किलोग्राम बीज की जरूरत होती है. इसके लिए खरबूजे की इन किस्मों का चयन कर सकते हैं.§ֆ:काशी मधु: ये किस्म पकने पर पीले रंग धारीधार होता है. इसका गुदे रंग हल्के नांरगी रग के होते है. इस औसत वजन 800 ग्राम का होता है. इसकी औसत उपज प्रति एकड 80 से 100 कुंतल तक होती है.
अर्का अजीत: फल छोटा (350 ग्राम), चपटा, गोलाकार, सुनहरा नारंगी रंग, गूदा सफेद सुगंधित और मीठा (13%), उपज क्षमता 140-150 क्विंटल/हेक्टेयर.
हरा मधु: फल का औसत भार 1 किलोग्राम, भंडारण और परिवहन के लिए उपयुक्त, औसत उपज 60 क्विंटल प्रति एकड़.
पंजाब संकर-1: बेल मध्यम लंबाई की, छिलका जालीदार और हल्का पीला, गूदा नारंगी रंग का, सुगंधित और मीठा (12%), औसत उपज 50-60 क्विंटल प्रति एकड़ है.
§֍:ऐसे करें बुवाई§ֆ:मैदानी क्षेत्रों में 1.5-2.0 मीटर की दूरी पर 30-40 सेमी चौड़ी नालियां बनाते हैं. बीज की बुवाई नाली के किनारों पर 50-60 सेमी की दूरी पर करते हैं. बीज को 15-20 सेमी की गहराई पर बोआई की जाती है और नदियों के किनारे गड्ढों में बुवाई करते हैं. इसके 60 x 60 x 60 सेमी गहरा गड्ढा बनाकर उसमें 1:1:1 के अनुपात में गोबर की खाद और बालू मिलाते हैं. बीजों को बोने से पहले कार्बेन्डाजिम से उपचारित जरूर करना चाहिए, 2 ग्राम दवा को 1 किलो बीज में मिलाकर बीजों को उपचारित करें. इस बात ध्यान देना चाहिए. खरबूज की बेड की लंबाई पूर्व से पश्चिम होनी चाहिए.§आलू और सरसों की खेती के बाद खेतों में खरबूजे की खेती करके किसान 60-70 दिनों में लाखों रुपये की कमाई करते हैं. खरबूजे की खेती में जुताई, बुवाई और सिंचाई में प्रति एकड़ लागत 10 हजार से 15 हजार रुपये आती है. साथ ही 60 से 70 क्विंटल प्रति एकड़ उपज मिलती है. बाजार में खरबूजे की कीमत 15-20 रुपये प्रति किलोग्राम होने से किसान आसानी से 1-1.5 लाख रुपये कमा सकते हैं.

