֍:सीएम ने की समीक्षा§ֆ:सुमन ने कहा, ‘‘इस प्रकार अब तक कुल 33 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है जबकि 22 अन्य की खोजबीन जारी है.’’ इस बीच, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देर रात एक बार फिर राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर बचाव कार्यों की समीक्षा की . उन्होंने बचाव कार्यों में वायुसेना के हेलीकॉप्टर के साथ ही राज्य सरकार की एजेंसी ‘युकाडा’ और निजी कंपनियों के हेलीकॉप्टर को भी शनिवार सुबह से बचाव कार्यों में शामिल करने के निर्देश दिए.§֍:मुख्यमंत्री ने कही ये बात§ֆ:मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘प्रत्येक श्रमिक की सुरक्षित वापसी के लिए जो भी संभव होगा, हम वह करेंगे.’’ सीएम धामी हिमस्खलन बचाव कार्यों का जायजा लेने के लिए शनिवार को मौके पर भी जा सकते हैं. हिमस्खलन सुबह करीब 7.15 बजे हुआ, जिससे श्रमिक बर्फ में दब गए. ये मजदूर सेना के आवागमन के लिए नियमित रूप से बर्फ हटाने का काम करते हैं. §֍:चेतावनी जारी§ֆ:चंडीगढ़ स्थित रक्षा भूसूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान ने गुरुवार शाम पांच बजे चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में 2,400 मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित स्थानों पर 24 घंटे की अवधि के लिए हिमस्खलन की चेतावनी जारी की थी.§ֆ:देहरादून स्थित मौसम विभाग ने भी शुक्रवार सुबह इन जिलों में 3,500 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान जताया. इसके बाद राज्य आपदा परिचालन केंद्र ने संबंधित जिलाधिकारियों को इसके बारे में अलर्ट कर दिया था.§उत्तराखंज के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों में अधिक बर्फबारी हुई. इसी बीच चमोली जिले के बदरीनाथ में सीमांत माणा गांव के पास शुक्रवार तड़के हिमस्खल हुआ. इससे वहां फंसे सीमा सड़क संगठन के 55 मजदूरों में से 33 को सुरक्षित बाहत निकाल लिया है. लेकिन 22 अन्य की अभी भी तलाश जारी है. राज्य के आपदा प्रबंधन और पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन बताया कि बदरीनाथ धाम से छह किलोमीटर आगे हुई हिमस्खलन की घटना में पहले 57 मजदूरों के फंसे होने की सूचना मिली थी लेकिन अब स्थानीय प्रशासन ने बताया है कि दो मजदूरों के छुट्टी पर होने के कारण मौके पर 55 मजदूर थे. शाम पांच बजे तक 32 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है.

