֍:लाहौल-स्पिति में चेतावनी§ֆ:पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के ऊंचे इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई है. वहीं, निचले इलाकों में बारिश हुई. लाहौल और स्पिति में भी बर्फ की मोटी चादर बन गई है. इसी बीच लाहौल और स्पिति पुलिस ने 28 फरवरी को क्षेत्र के लिए गुरुवार को हिम्सखलन की चेतावनी जारी की है. IMD ने बताया कि, क्षेत्र में यात्रियों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतनी होगी. बताए गए सुरक्षित मार्गों से ही आवाजाही करें. साथ ही चेतावनी दी गई है कि कुछ ढलानों में मध्यम आकार का हिम्सखलन संभन है. डीजीआरई और एचपीएसडीएमए के अनुसार, आज शाम 5 बजे तक लाहौल और स्पीति में लेवल-3 हिमस्खलन का ऑरेंज अलर्ट है. §֍:इन जिलों में अलर्ट जारी§ֆ:IMD की एडवाइजरी के अनुसार, मध्यम आकार का हिमस्खलन संभव है और केवल सुरक्षित मार्गों तक ही आवाजाही सीमित रखने की सलाह दी जाती है. इसमें जम्मू और कश्मीर के अलावा, 26 से 28 फरवरी के बीच हिमाचल प्रदेश के चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था. चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी सहित इन जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है. मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए कश्मीर घाटी और जम्मू संभाग के शीतकालीन क्षेत्रों में स्कूलों में शीतकालीन छुट्टियां 6 दिन और बढ़ा दी गई हैं. स्कूल अब 1 मार्च की जगह 7 मार्च को खुलेंगे.§जम्मू-कश्मीर के डोडा और भलेसा जिलों में पिछले 36 घंटों से लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है. ऐसे में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. भारी बर्फबारी होने से किसानों को के चेहरे पर खुशी नजर आ रही है. उनका कहना है कि इस क्षेत्र में बर्फबारी होने एक दुर्लभ घटना है. पिछली बार बर्फबारी के कारण किसानों और बागवानों को वित्तीय नुकसान की आशंका थी, लेकिन मौजूदा बर्फबारी उनके लिए फायदेमंद लग रही है. वहीं, इस बीच राजौरी जिले में भी लंबे समय तक सूखे के बाद बारिश हुई, जो काफी जरूरी थी. राजौरी में बारिश के कारण लंबे समय तक सूखे के बाद नदियां फिर से उफान पर हैं.

