֍:10 से अधिक राज्यों के मछली पालकों ने कराया रजिस्ट्रेशन§ֆ:जानकारों की मानें तो मछली पालन से जुड़े करीब 35 एफपीओ पहले से ओएनडीसी के नेटवर्क पर शामिल हो गए हैं. ये सभी आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के हैं. ओएनडीसी की मदद से मत्स्य पालन विभाग का मकसद मछली पालकों को एक डिजिटल प्लेटफार्म देना है. पारंपरिक मछुआरों, मछली किसान उत्पादक संगठनों और मत्स्य पालन क्षेत्र के कारोबारियों को ई-मार्केट प्लेस की मदद से अपने प्रोडक्ट को खरीदने और बेचने के लिए जागरुक बनाना भी है. ओएनडीसी ई-मार्केटिंग का एक अनूठा मंच है जो मछुआरों, मछली किसानों, एफएफपीओ, स्वयं सहायता समूहों और अन्य मछुआरा सहकारी समितियों को जोड़कर मत्स्य पालन क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.§ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) पर ऑनलाइन मोड में मछली की बिक्री हो रही है. यह मछली पालकों के लिए एक नया बाजार साबित हो रहा है. इसी वजह मछली पालक ओएनडीसी पर तेजी से रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं. डिमांड आने पर ऑनलाइन मछली बेच रहे हैं. ओएनडीसी का एक बड़ा फायदा ये हो रहा है कि मछली पालन सीधे उपभोक्ता को मछली बेचकर अच्छे दाम कमा रहे हैं. वहीं मछली खरीदार को ताजा मछली मिल रही है. ओएनडीसी की शुरुआत केन्द्रीय मत्स्य मंत्रालय के सहयोग से हुई है. बीते साल फरवरी में केन्द्रीय मत्स्य पालन मंत्री ने इसकी शुरुआत की थी.

