֍:अभी तक मिलता था एक अंडा§ֆ:पश्चिम बंगाल के सरकारी स्कूलों में अभी तक बच्चों को हफ्ते में केवल एक अंडा दिया जाता था. लेकिन नए आदेशों के अनुसार अब हर हफ्ते मिलने वाले एक अंडे के अलावा दो अंडे हर हफ्ते दिए जाएंगे. ऐसे में बच्चों को मिलने वाले अंडों की संख्या तीन हो जाएगी. इन आदेशों का लाभ प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से लेकर आंठवीं कक्षा के छात्रों को मिलेगा.§֍:महाराष्ट्र में फैसला लिया वापस§ֆ:महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सरकार ने एमडीएम में सामिल किए गए अंडों को हटा दिया है. इससे पोल्ट्री किसानों को भी नुकसा होगा. बच्चों में से कुपोषण दूर करने और प्रोटीन बढ़ाने के लिए पहले सरकार ने एमडीएम में बच्चों को अंडे देने का ऐलान किया था. इसके लिए 50 करोड़ रुपये देने की घोषणा हुई थी. लेकिन अब कुछ अज्ञात कारणों के चलते महाराष्ट्र सरकार अंडे खिलाने का फैसला वापस ले रही है. §֍:यूपी में MDM में अंडे देने की मांग§ֆ:यूपी पोल्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष का कहना है कि यूपी में अंडे की डिमांड ज्यादा है लेकिन उत्पादन कम है. ज्यादातर डिमांड बाहर से अंडे मंगाकर पूरी की जाती है. बाहर का अंडा आने से यूपी का अंडा बच जाता है. यूपी में अंडा उत्पादन बढ़ने की पूरी क्षमता है. लेकिन बाजार में सही दाम न मिलने से कोई आगे नहीं आना चाहता है. अगर, MDM में अंडा शामिल किया जाए तो दाम भी सही मिलेगा और डिमांड भी बढ़ेगी.§बच्चों में प्रटीन की कमी को पूरा करने के लिए पश्चिम बंगाल के सरकारी स्कूलों के मिड-डे-मील में एक अंडे की जगह अब तीन अंडे दिए जाएंगे. ऐसे में पश्चिम बंगाल और उसे लगे राज्यों के पोल्ट्री किसानों का मुनाफा भी बढ़ेगा. नेशनल ऐग कोऑर्डिनेशन कमेटी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर एक रिपोर्ट शेयर की है. रिपोर्ट की मानें तो पश्चि म बंगाल में मिड-डे-मील (एमडीएम) में अंडों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है. मार्च से स्कूली बच्चों को हफ्ते में अब तीन-तीन अंडे खाने को मिलेंगे.

