֍:एफसीआई की चावल खरीद जारी§ֆ:एफसीआई राज्यों को पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 380 लाख टन चावल सप्लाई करता है. चावल को स्टॉक में रखने और उसके एमएसपी में वृद्धि होने से एफसीआई का चावल पहले से महंगा हो गया है. पिछले साल इसकी कीमत 3931 रुपये प्रति क्विंटल थी. कअब इसका भाव 3975 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है. अधिकारियों के अनुसार एफसीआई ने 20 लाख टन से अधिक चावल इथेनॉल के लिए दिया है. इसके अलावा 10 लाख टन से अधिक चावल 2250 रुपये प्रति क्विंटल के सब्सिडी रेट पर बेचा गया है. बताया गया है कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) और राज्य सरकार की एजेंसियों द्वारा 2024-25 सीजन के लिए 2300 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत किसानों से रबी की फसल के लिए धान खरीदने का काम जारी रहेगा. कुछ राज्य – आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अगले कुछ महीनों तक खरीद जारी रहेगी.§֍:पंजाब में अधिक खरीद§ֆ:एक अधिकारी ने ‘फाइनेंशियल एक्सप्रेस’ से कहा, “इस सीजन के लिए धान की खरीद आमतौर पर अप्रैल तक पूरी हो जाती है और केवल असम में आधिकारिक तौर पर जून तक काम जारी रहता है.” इस सीजन में एजेंसियों द्वारा किसानों से खरीदे गए करीब 68 मीट्रिक टन धान में से पंजाब (17.33 मीट्रिक टन), छत्तीसगढ़ (10.44 मीट्रिक टन), ओडिशा (6.34 मीट्रिक टन), हरियाणा (5.37 मीट्रिक टन), तेलंगाना (5.39 मीट्रिक टन), उत्तर प्रदेश (5.74 मीट्रिक टन) और मध्य प्रदेश (4.35 मीट्रिक टन) शामिल हैं. 1 अक्टूबर से शुरू हुई खरीद की शुरुआत पंजाब और हरियाणा में धीमी रही क्योंकि वहां स्टोरेज के लिए जगह नहीं थी. एजेंसियों को इन राज्यों से चावल का स्टॉक निकालना पड़ा ताकि जगह बनाई जा सके.§देशभर में पिछले कई महीनों से खेती में अच्छी उपज होती देख रही है. इस के चलते देश के कई राज्यों में धान की तकरीबन 680 लाख टन तक उत्पादन क्षमता पहुंच गई है. पिछले सीजन से यह 4.3 फीसदी अधिक है. एक रिपोर्ट के अनुसार अगले दो महीनं में धान की खरीद का आंकड़ा 730 लाख टन पहुंचने की संभावना है. चावल के लिहाज से यह आंकड़ा 500 लाख टन तक जाने की संभावान है. ऐसे में देश में अन्न भंडार बढ़ेगा और खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी.

