֍:ऐसे मिलेगी जानकारी§ֆ:सॉइल हेल्थ कार्ड पाने के लिए किसानों को सबसे पहले किसान सॉइल हेल्थ कार्ड पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. इसके बाद एसएमएस के जरिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड पा सकते हैं. एसएचसी मिट्टी के पोषक तत्वों और उर्वरक की सिफारिशों के बारे में जानकारी देता है.
• एसएचसी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें.
• रजिस्ट्रेशन के बाद, आपको अपने मोबाइल पर एक एसएमएस लिंक मिलेगा.
• अपना एसएचसी डाउनलोड करने के लिए लिंक पर क्लिक करें.
• अगर आपके फोन में व्हाट्सएप है तो उस पर भी मृदा स्वास्थ्य कार्ड ले सकते हैं. पोर्टल पर जो मोबाइल नंबर रजिस्टर होता है, उस व्हाट्सएप नंबर पर सॉइल हेल्थ कार्ड भेजा जाता है.
§֍:सॉइल हेल्थ कार्ड कैसे काम करता है?§ֆ:• सबसे पहले अधिकारी किसान के खेत से मिट्टी के नमूने एकत्रित करते हैं.
• इसके बाद मिट्टी को जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाता है.
• जांच दल मिट्टी के नमूने की जानकारी एकत्रित कर उसकी क्वालिटी बताता है.
• अगर मिट्टी में कुछ कमी है तो उसे सुधारने के लिए सुझाव दिए जाते हैं.
• इसके बाद किसान के नाम के साथ यह रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड की जाती है.
• इस रिपोर्ट को किसान के मोबाइल नंबर पर भी भेजा जाता है, अगर उसका नंबर उस लैब में दर्ज है.
• किसानों को इसकी जानकारी मोबाइल पर एसएमएस और व्हाट्सअप के जरिये भी दी जाती है.
§केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की परेशानियों को दूर करने के लिए मृदा जांच कराने की सलाह दे रही है. ऐसे में किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती सही केंद्र पर सही जांच कराना है. ऐसे में सरकार ने एक बार फिर किसानों की एस समसस्या का समाधान कर दिया है. अब किसानों को मिट्टी की जांच करवाने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है. वे घर बैठे ही अपने मोबाइल से खेत की मिट्टी की जानकारी ले सकते हैं. बता दें कि सॉइल हेल्थ कार्ड योजना के तहत किसानों को खेत की मिट्टी की क्वालिटी के आधार पर उपयुक्त फसल उगाने में मदद मिलती है.

