֍:ये रहा विषय§ֆ:इंडियन सीड कांग्रेस 2025 के 13वें एडिशन का विषय “उभरती हुई तकनीकों- बीज क्रांति को बढ़ावा देना” है, जो बीज विकास और कृषि में सफलताओं का नेतृत्व करने के लिए उन्नत तकनीकों को एक साथ करने पर केंद्रित है. कार्यक्रम की शुरुआत एक उद्घाटन सत्र से हुई जिसमें प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों और प्रमुख उद्योग जगत के खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिसमें कृषि उत्पादकता और स्थिरता को बढ़ाने में तकनीकी नवाचारों के महत्व को बताया गया.§ֆ:§֍:25 फरवरी तक होगा कार्यक्रम§ֆ:यह सम्मेलन 25 फरवरी तक जारी रहेगा, जिसमें उद्योग के भीतर चर्चाओं और सहयोगों को सुविधाजनक बनाने के लिए तकनीकी सत्रों, कार्यशालाओं और प्रदर्शनियों की एक श्रृंखला शामिल होगी. जैसे-जैसे यह कार्यक्रम आगे बढ़ेगा, यह खेती-किसानी के क्षेत्र में परिवर्तनकारी बदलावों के लिए मंच तैयार करने, वर्तमान चुनौतियों का समाधान करने और भविष्य की उन्नति का मार्ग प्रशस्त करने का वादा करता रहेगा.§֍:इस कार्यक्रम में क्या-क्या शामिल है§ֆ:• बीज क्षेत्र में नवीनतम रुझानों का प्रदर्शन
• नई तकनीकी प्रगति पर चर्चा हई
• प्रतिनिधियों को नये उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन करने के लिए एक मंच प्रदान किया गया
• बीज उद्योग को तकनीक डेवलपर्स, नीति निर्माताओं और क्षेत्र विकास अधिकारियों के साथ बातचीत करने का अवसर
• इसके अलावा इस कार्यक्रम के बीज और तकनीक से जुड़ी कई स्टॉल भी लगाए गए हैं
• यहां कई डिजिटल स्टॉल भी लगे हुए हैं, जहां तकनीक और बीज से जुड़ी जानकारी मिल रही है.
§किसानों को अच्छा मुनाफा कमाने के लिए सही फसलों का चुनाव करना होता है. इसमें भी बीज की क्वालिटी को बहुत देख-भाल कर लिया जाता है, क्योंकि फसल की नींव बीज है. इसके महत्व को समझाने के लिए दिल्ली में 23-25 फरवरी तक इंडियन सीड कांग्रेस का आयोजन किया गया है. इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय राष्ट्रीय बीज संघ द्वारा किया जा रहा है, जो अलग-अलग बीज कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है. बता दें कि ये आयोजन नई दिल्ली के एरोसिटी में स्थित प्रतिष्ठित होटल अंदाज़ में आयोजित हो रहा है. यह वार्षिक आयोजन कृषि और बीज उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण समागम है, जिसमें दुनिया भर के विशेषज्ञ, और बीज से जुड़ी कई कंपनियों ने शिरकत की.

