֍:बनेगा मखाना बोर्ड§ֆ:केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम केवल विभाग नहीं चलाते हैं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गहराई तक जाकर कैसे हम किसानों की तकलीफ दूर करें इसकी कोशिश करते हैं. उन्होंने कहा कि किसान की आमदनी बढ़े, 57% लोग आज भी खेती पर निर्भर हैं और खेती भी एक चीज की नहीं है, कहीं केला है तो कहीं लीची है, कहीं मकई है तो कहीं गेहूं है कहीं धान है, इस धरती पर तो मखाना है. अगर किसानों का कल्याण करना है तो हमें हर एक फसल को ठीक से देखना पड़ेगा और इसलिए जब मैं पहली बार कृषि मंत्री बनकर पटना आया था, कृषि भवन में तब बैठक हुई थी, किसानों के साथ और उस बैठक में मखाना उत्पादक किसानों ने अपनी समस्या बताई थी. शिवराज सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेई जी को याद करते हुए प्रणाम किया, जिन्होंने ये केंद्र बनाया था और शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी जी का भी अभिनंदन किया कि अब उन्होंने मखाना बोर्ड बनाने का फैसला किया है.§֍:”मखाना सुपरफूड है”§ֆ:केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मखाना सुपरफूड है, पौष्टिकता का भंडार है, ये मखाना आसानी से पैदा नहीं होता है. मखाना पैदा करने के लिए कितनी तकलीफें सहनी पड़ती है, ये यहां आकर देखा जा सकता है. इसलिए मेरे मन में ये भाव आया कि जिन्होंने किसानों की तकलीफ नहीं देखी, वो दिल्ली के कृषि भवन में बैठकर मखाना बोर्ड बना सकते हैं क्या..? इसीलिए मैंने कहा, पहले वहां चलना पड़ेगा जहां किसान मखाने की खेती कर रहा है. खेती करते करते कितनी दिक्कत और परेशानी आती है, ये भी हो सकता है कि यहां कार्यक्रम करते और निकल जाते लेकिन इससे भी सही जानकारी नहीं मिलती. §֍:इन किसानों को होगा फायदा§ֆ:केंद्रीय कृषि मंत्री ने आगे कहा कि लीज पर ज़मीन लेकर खेती करने वाले किसानों को केंद्र सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिले. चाहे किसान क्रेडिट कार्ड हो, कम दरों पर ब्याज, खाद की व्यवस्था, एमएसपी आदि. जो बटाईदार है जो मेहनत कर रहा है उसको भी लाभ मिलना चाहिए. इस दिशा में हम काम कर रहे हैं. मखाना उत्पादन किसानों की ट्रेनिंग पर भी काम किया जाएगा. कार्यशाला लगाना, ट्रेनिंग कैंप लगाकर कैसे कौशल विकसित किया जाए, इसकी कोशिश करेंगे. शिवराज सिंह ने कहा कि आज का कार्यक्रम कर्मकांड नहीं है, बल्कि एनडीए और भाजपा सरकार द्वारा आपकी ज़िन्दगी बदलने का प्रयास है. ये आम सभा नहीं है, ये किसान पंचायत है. मैं मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री रहते हुए भी किसानों से बात करके उनके कल्याण की योजना बनाता था. यही तो जनता का, जनता के लिए, जनता द्वारा शासन है. §केंद्रीय कृषि एंव किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान बिहार के दौरे पर रहे. इस दौरान उन्होंने दरभंगा स्थित एक तलाब में उतरकर किसानों से चर्चा की. उन्होंने मखाना की खेती की पूरी प्रक्रिया समझी. साथ ही इसकी खेती में आने वाली कठनाइयों पर ध्यान दिया और किसानों से सुझाव लिए. जिसके बाद उन्होंने कहा कि मखाना की खेती कठिन है और तालाब में दिनभर रहकर खेती करनी होती है. केंद्र सरकार ने इस वर्ष बजट में मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा की है और इस बोर्ड के गठन के पहले वे किसानों से सुझाव लेकर चर्चा कर रहे हैं. ताकि किसानों की वास्तविक समस्याएं समझी जा सके. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने दरभंगा में राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र पर संवाद कार्यक्रम में मखाना के किसानों से सुझाव लेने के साथ ही उन्हें संबोधित भी किया. इस अवसर पर बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित अन्य मंत्री, सांसद और विधायक भी उपस्थित रहे.

