֍:इतना बढ़ा डीएपी का आयात§ֆ:जनवरी 2025 में 2.27 लाख टन डीएपी आयात किया गया, पिछले साल जनवरी में 0.44 लाख टन आयात किया गया था. इसके अलावा, म्यूरेट ऑफ पोटाश (एमओपी) के आयात में भी भारी बढ़त देखने को मिली है, जो 1.45 लाख टन की तुलना में 2.19 लाख टन पहुंच गया. वहीं कॉम्प्लेक्स खाद का आयात 0.63 लाख टन से बढ़कर 2.31 लाख टन हो गया.§֍:आने वाले सीजन की पूरी तैयारी§ֆ:अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकार खादों का आयात अक्टूीबर महीने तक पर्याप्ता मात्रा में करेगी, जिससे खरीफ और रबी दोनों सीजन में मांग पूरी की जा सके. वहीं, केंद्र सरकार ने नए साल के पहले दिन ही किसानों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की है कि वह डीएपी पर मिलने वाली सब्सिडी जारी रखेगी और किसानों को 1350 रुपये में ही 50 किलो का बैग मिलेगा. सरकार ने कहा है कि डीएपी की अतिरिक्ती कीमत सरकार चुकाएगी. जनवरी तक जहां हमारे पड़ोसी देश के किसानों को 3000 रुपये या इससे ज्या दा में 50 किलोग्राम डीएपी मिल रहा था, भारत में किसानों को इसके लिए सिर्फ 1350 रुपये ही चुकाने होंगे.§साल 2025 में डीएपी के साथ कई अन्य खादों के आयात में भारी उछाल आया है. बताया जा रहा है कि आने वाले खरीफ सीजन तक सरकार के पास पर्याप्त स्टॉक होगा. जिससे किसानों को खाद खरीदने के लिए इधर-उधर नहीं तलाशना होगा. पिछले साल रबी सीजन तक खाद की रिकॉर्ड बिक्री हुई. रिकॉर्ड बिक्री को देखते हुए केंद्र सरकार ने खादों का आयात बढ़ाने का निर्णय लिया है. यही वजह है कि जनवरी में प्रमुख खादों आयात दोगुना होकर 12.31 लाख टन पहुंच गया. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 में यूरिया का आयात 5.54 लाख टन दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल जनवरी में यह 3.63 लाख टन था.

