֍:इन फसलों पर दिया जा रहा जोर§ֆ:स्वाट कॉर्न और बेबी कॉर्न जैसी फसलें किसानों के लिए कैश क्रॉप का कार्य कर अधिक लाभ दिलाती हैं. वर्तमान में इन दोनों ही फसलों की डिमांड बाजार में बढ़ोतरी मंन है. ऐसे में किसान इन दोनों फसलों को 100 दिनों यानी 3 महीने में तैयार कर साल में तीन फसलें ले सकते हैं और उससे कमाई कर सकते हैं. इस योजना के तहत किसानों को सब्सिडी पर बीज दिए जा रहे हैं ताकि किसान इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित हो सकें. इन दोनों क्षेत्र के किसान ऑनलाइन आवेदन कर बीज सब्सिडी पर ले सकते हैं और अपने खेतों में लगा सकते हैं. इससे उनकी खेती की लागत घटेगी और कमाई बढ़ेगी. मधेपुरा जिले के कृषि पदाधिकारी रितेश रंजन ने बताया कि स्वीट और बेबी कॉर्न की खेती किसानों के लिए वरदान साबित होगी और इससे किसान आर्थिक रूप से मजबूत होंगे. किसानों को बीज उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगा गया है.§֍:मिलेगी ट्रेनिंग§ֆ:आत्मा योजना के उपपरियोजना निदेशक मनोज कुमार ने कहा कि आत्मा योजना के तहत अभियान चलाकर किसानों को स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न की खेती के लिए बढ़ावा दिया जाएगा. इसको लेकर पहल शुरू की गई है. इसमें किसानों को आत्मा के जरिये ट्रेनिंग भी दिलाई जाएगी ताकि वे खेती सही ढंग से कर सकें और अपनी आमदनी को बढ़ा सकें.§देशभर में किसानों के लिए कई योजनाएं चलाई जाती हैं. इसी कड़ी में बिहार की सरकार ने किसानों के लिए बंपर लाभ देने वाली योजना जारी की है. इसमें राज्य की ओर से स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न की खेती करने पर सब्सिडी दी जाएगी. इसमें बिहार कृषि विभाग ने किसानों से सब्सिडी दामों पर बीज पाने के लिए आवेदन मांगे हैं. इसमें मधेपुरा जिले के कई प्रखंडों का चयन किया गया है जहां किसानों को सब्सिडी पर स्वीट और बेबी कॉर्न का बीज दिया जाएगा. इन क्षेत्रों में चौसा, पुरैनी, आलमनगर, उदाकिशुनगंज और बिहारीगंज शामिल हैं. स्वीट कॉर्न की खेती मधेपुरा, कुमारखंड और मुरलीगंज में होगी. यहां के किसान कम समय में स्वीट कॉर्न की खेती कर अधिक मुनाफा कमा सकेंगे.

