֍:कृषि अनुसंधान के लिए जारी की गई धनराशि§ֆ:मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि अनुसंधान एवं अधोसंरचना विकास निधि अंतर्गत अब तक 756.95 करोड़ रुपये हासिल हुए हैं. इससे 753.40 करोड़ रुपये विभिन्न संस्थाओं को अनुदान के रूप में दिए गए हैं. किसान सड़क निधि के तहत अब तक 7616.41 करोड़ रुपये में से प्रदेश की सड़कों के विकास के लिये 4107.81 करोड़ रुपये मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण को ट्रांसफर किए जा चुके हैं.§֍:गो संरक्षण के लिए 478 करोड़§ֆ:कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की आय को बढ़ाने के लिए पशुपालन पर खास जोर दिया जा रहा है. इसके लिए गो संरक्षण योजना के तहत गायों का संरक्षण, गायों की उन्नत ब्रीड तैयार की जा रही हैं. कृषि मंत्री की ओर से कहा गया है कि गौ-संरक्षण तथा संवर्धन निधि में 479.30 करोड़ रुपये मिले हैं. इसमें से मध्यप्रदेश गौ पालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड को 478.50 करोड़ रुपये समस्त जिलों की गौशालाओं को अनुदान स्वरूप प्रदान किये गये हैं. राज्य सरकार पहले से छुट्टा गायों की देखरेख के लिए किसानों को सौंप रही है. इसके लिए गाय को पालने वाले किसानों को आर्थिक मदद दी जा रही है. राज्य सरकार के अनुसार जो किसान 10 से ज्यादा गायों का पालन करेंगे उन्हें अनुदान दिया जा रहा है. §उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले सप्ताह गौ चारे पर प्रतिदिन ख्रच को बढ़ाने के साथ नए गो संरक्षण केंद्र खोलने की घोषणा की है. वहीं, मध्य प्रदेश सरकार ने आंकड़े जारी करते हुए बताया है कि गायों के संरक्षण, आश्रय और विकास के लिए गौ पालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड को 478 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं. राज्य सरकार का फोकस मवेशियों के लिए चारा व्यवस्था, गायों के संवर्धन और आश्रय स्थलों के निर्माण पर है. इसको लेकर मध्य प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा है कि राज्य में खेती गतिविधियों में तेजी लाने के साथ ही उपज खरीद और बिक्री के लिए मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड प्रदेश का विकास किया जा रहा है. राज्य में किसानों की उपज खरीद और भुगतान प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनाने के लिए 80 से ज्यादा मंडियों को पूरी तरह डिजिटल कर दिय गया है.

