֍:दिल्ली-यूपी में टमाटर का भाव?§ֆ:देशभर के कई राज्यों में ज्यादा उपज होने के कारण किसानों को दामों में गिरावट मिलने का सामना करना पड़ रहा है. दिल्ली की आजादपुर मंडी में टमाटर का औसत भाव 911 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है. वहीं, खुदरा बाजार में भी दिल्ली एनसीआर में टमाटर करीब 10 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रहा है. जब्कि, उत्तर प्रदेश की अलीगढ़ मंडी में टमाटर का औसत मंडी भाव 850 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है. पीलीभीत मंडी में टमाटर का औसत भाव 1015 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है.§֍:ओडिशा में क्या हैं भाव?§ֆ:ओडिशा का गंजम ब्लॉक टमाटर उगाने वाले प्रमुख क्षेत्रों में से एक है. पीटीआई के अनुसार गंजम ब्लॉक में टमाटर का भाव 10 से 15 रुपये प्रति किलोग्राम है. जबकि, व्यापारी 2 रुपये प्रति किलो तक की कीमत किसानों को दे रहे हैं. सत्रुशोल गांव के टमाटर उत्पादक सुरथ पाहन ने कहा कि पिछले तीन महीनों से फसल पर इतना समय और पैसा खर्च करने के बाद, हम कटाई पर खर्च की गई मजदूरी भी नहीं निकाल पा रहे हैं. शुक्रवार को उन्होंने करीब 15 क्विंटल टमाटर 3 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचे. एक एकड़ जमीन पर टमाटर की खेती करने वाले पाहन ने कहा कि हमारे क्षेत्र में कुछ किसानों ने व्यापारियों द्वारा सिर्फ 2 रुपये प्रति किलोग्राम की पेशकश के बाद अपनी फसल को खेत में ही छोड़ दिया है. §֍:अधिक उत्पादन से गिरे दाम§ֆ:एक न्यूज चैनल किसान तक से बातचीत में बागवानी विभाग के उप निदेशक कंद जेना ने कहा कि पिछले सप्ताह जिले में टमाटर की कीमतों में भारी गिरावट आई है. उन्होंने कहा कि इस साल बंपर फसलकी वजह से कीमतों में भारी कमी देखी जा रही ह. कई किसानों ने टमाटर की खेती करना पसंद किया, जो एक कम अवधि मौसमी फसल है, जिसके चलते अधिक आपूर्ति हुई और कीमतों में कमी का सामना करना पड़ रहा है. उप निदेशक जेना ने कहा कि गंजम में इस सीजन में लगभग 1500 हेक्टेयर क्षेत्र में टमाटर की खेती की गई है. §भारत में टमाटर का लगभग सभी सब्जियों में इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में किसान डिमांड को देखते हुए काफी अदिक क्षेत्र में इसकी खेत भी करते हैं. लेकिन अभी कई राज्यों में दामों में गिरा ट होने पर किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि बाजार मकें 10-15 रुपये प्रति किलेग्राम की दर से फसल बिक रही है. किसान अपनी लागत भी वसू नहीं कर पा रहे हैं. इससे परेशान कई किसानों ने फसल खेत में ही छोड़ दी है.

