֍:बीजेपी के ओबीसी सांसदों को कोई पावर नहीं- राहुल गांधी§ֆ:राहुल गांधी ने कहा कि चीन उत्पादन में हमसे आगे है. हमारे यहां कास्ट सिस्टम बेहतर है. उन्होंने उत्पादन क्रांति पर भारत और अमेरिका सहयोग की वकालत करते हुए यह भी कहा कि हमारे बिना अमेरिका में उत्पादन संभव नहीं है. भारतीय बैंकिंग सिस्टम को बदलने की जरूरत है. उन्होंने तेलंगाना में कास्ट सेंसस का जिक्र किया और कहा कि तेलंगाना में 90 फीसदी एससी-एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक हैं. ओबीसी की आबादी देश में 50 फीसदी से कम नहीं है. पिछले बजट की हलवा बांटने वाली फोटो का जिक्र करते हुए कहा कि हैरान हो गया कि इस बार हलवा वाली फोटो ही हटा दी. हलवा खिलाया, लेकिन किसको खिलाया. उन्होंने कहा कि बीजेपी के ओबीसी सांसद मुंह नहीं खोल सकते. बीजेपी के ओबीसी, एससी-एसटी सांसदों को कोई पावर नहीं है. इस पर बीजेपी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया. बीजेपी सांसदों ने राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई.
§֍:मैन्यूफैक्चरिंग 60 साल में निचले स्तर पर- राहुल गांधी§ֆ:राहुल गांधी ने कहा कि मैन्यूफैचरिंग 60 साल में सबसे निचले स्तर पर है. उन्होंने मेक इन इंडिया का जिक्र करते हुए फोन दिखाया और कहा कि भले ही हम कहें कि ये भारत में बना है लेकिन इसके पार्ट्स चीन से आए हैं और यहां असेंबल किया गया है. हमने कंजम्प्शन पर फोकस किया, असमानता बढ़ी. उन्होंने कहा कि दुनिया पूरी तरह से बदल रही है. हम पेट्रोलियम से बैट्री और परमाणु ऊर्जा की ओर बढ़ रहे हैं. हर चीज बदल रही है. लास्ट टाइम जब क्रांति हुई थी, भारत सरकार ने कम्प्यूटर क्रांति को देख लिया था और फोकस कर दिया था. आज उसका नतीजा दिख रहा है. लोग हंसते थे जब कम्प्यूटर आया था. वाजपेयीजी का सम्मान करता हूं लेकिन वो भी इसके विरोध में बोलते थे. यूक्रेन में युद्ध चल रहा है. इलेक्ट्रिक मोटर और इंजन बनता है. उन्होंने रोबोट से लेकर ड्रोन तक का जिक्र किया और कहा कि लोग आज एआई को लेकर बात कर रहे हैं. एआई डेटा से ऑपरेट होता है. बिना डेटा के ये कुछ नहीं. सवाल है कि एआई कौन सा डेटा इस्तेमाल कर रहा है. भारत के पास कोई डेटा नहीं है. या तो एआई चीनी या फिर अमेरिकी डेटा का इस्तेमाल करेगा.§संसद के चालू बजट सत्र के तीसरे दिन आज से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है. बीजेपी सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत की है. 31 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण से शुरू हुए बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया था. दूसरे दिन 1 फरवरी को वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बजट पेश किया था.

