֍:गाय- भैसों में होगा AI का इस्तेमाल §ֆ:डेयरी एक्सपर्ट दावा करते हैं कि अगर AI का पशुपालन में इस्तेमाल किया जाता है तो दूध की लागत 10 फीसद तक कम हो जाती है. क्योंकि AI की मदद से पशुपालन से जुड़ा डाटा जमा किया जाता है. इसकी मदद से हर तरह का डाटा जमा किया जाता है. उसी डाटा की मदद फिर पशुपालन में ली जाती है. इस डाटा की मदद से ही लागत में कमी आती है. और ये सब मुमकिन होता है डाटा से. और एआई की मदद से आप पशुपालन और डेयरी से जुड़े हर मिनट के छोटे से छोटे डाटा का स्टोर कर सकते हैं. §֍:AI से इस तरह कम की जा सकती है दूध की लागत §ֆ:AI एक्सपर्ट मनोज पवार का कहना है कि पशुपालन हो या फिर मुर्गी और मछली पालन, सबसे जयादा लागत चारे और दाने पर आती है. जबकि पशुपालन में तो पशुओं को हरे-सूखे चारे के साथ ही मिनरल्स भी दिए जाते हैं. फिर भी प्रति पशु दूध उत्पादन के मामले में हमरा देश बहुत पीछे है. अगर AI का इस्तेमाल किया जाए तो लागत कम कर प्रति पशु उत्पादन भी बढ़ाया जा सकता है. इस मामले में AI की मदद से पशुओं की हैल्थ मॉनिटरिंग की जाती है.§कुछ दिनों से चीन के डीपसीक और ओपन AI की खूब चर्चा हो रही है. चीन-अमेरिका से निकलकर ये चर्चा डेयरी सेक्टरम में भी हो रही है. क्योंकि डेयरी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल शुरू हो चुका है. डेयरी सेक्टर में आज कुछ काम ऐसे हैं जहां AI का इस्तेमाल किया जा रहा है. आपको सुनकर शायद हैरानी हो, लेकिन कई राज्यों में आज AI की मदद से पशुपालन किया जा रहा है. AI की मदद से पशुपालन और डेयरी के सेक्टर में न सिर्फ लागत कम की जा रही है, बल्कि उत्पादन और प्रोडक्ट पर मुनाफा भी बढ़ाया जा रहा है.

