गुजरात में तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन पर मुख्यमंत्री श्री @Bhupendrapbjp जी व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
— Amit Shah (@AmitShah) January 30, 2025
मुझे हर्ष है कि 30 अप्रैल 2025 तक, गुजरात के सभी कमिश्नरेट इन नए कानूनों का पूरी तरह क्रियान्वयन सुनिश्चित कर राज्य की न्याय प्रणाली को अधिक आधुनिक,… pic.twitter.com/1Hpu1pHydd
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की मौजूदगी में गुजरात में आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए शाह ने यह भी कहा कि राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए परिपत्र जारी करना चाहिए कि संगठित अपराध, आतंकवाद और मॉब लिंचिंग के प्रविधानों का दुरुपयोग न हो।
§֍:पिछले साल लागू हुए थे कानून§ֆ:उल्लेखनीय है कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम पिछले साल एक जुलाई को लागू हुए थे। इसने औपनिवेशिक युग के क्रमश: भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और 1872 के भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह ली।§केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि गुजरात सरकार को 30 अप्रैल तक सभी पुलिस कमिश्नरेट में और जल्द से जल्द पूरे राज्य में भी तीन नए आपराधिक कानूनों को लागू करना सुनिश्चित करना चाहिए।

