#WATCH | RBI Governor Shaktikanta Das says, "…The Reserve Bank undertook six fine-tuning variable rate reverse repo auctions, that is, VRRR auctions from February 2 to February 7, 2024 to absorb surplus liquidity. Financial market segments have adjusted to the evolving… pic.twitter.com/j5WLX1zJDy
— ANI (@ANI) February 8, 2024
§֍:फरवरी से रेपो रेट में नहीं आया कोई बदलाव
§ֆ:रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने रेपो रेट में आखिरी बार बीते साल 8 फरवरी, 2023 को इजाफा किया था. तब आरबीआई ने इसे 25 बेसिस प्वाइंट या 0.25 फीसदी बढ़ाकर 6.5 फीसदी कर दिया था. तब से लगातार छह MPC बैठक में इन दरों को यथावत रखा गया है और इस बार भी पहले से ही इसमें कोई बदलाव नहीं होने की उम्मीद जताई जा रही थी. Repo Rate के साथ ही रिजर्व बैंक ने रिवर्स रेपो रेट 3.35% पर स्थिर रखा है. MSF रेट और बैंक रेट 6.75% पर बरकरार है. जबकि, SDF रेट 6.25% पर स्थिर है.
§ֆ:
RBI leaves repo rate unchanged for sixth straight occassions
— ANI Digital (@ani_digital) February 8, 2024
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§֍:GDP ग्रोथ 7% रहने का अनुमान§ֆ:आरबीआई गवर्नर शक्तिदांस कांत ने रेपो रेट को स्थिर रखने के ऐलान के साथ ही महंगाई को लेकर कहा कि खाने-पीने चीजों की कीमतों (Food Inflation) पर मोनेटरी पॉलिसी कमेटी की नजर है. महंगाई में नरमी देखने को मिल रही है. इसे देखते हुए MPC बैठक में महंगाई का लक्ष्य 4 फीसदी पर कायम रखा गया है. शक्तिकांत दास ने GDP Growth को लेकर कहा कि FY24 में भारत की रियल जीडीपी ग्रोथ अनुमान 7 फीसदी के ऊपर रखा गया है. इससे पहले के अनुमान में भी रिजर्व बैंक ने इस 7.3 फीसदी पर रखा था. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेक्टर में डिमांड में लगातार मजबूती दिख रही है.
§֍:EMI पर ऐसे असर डालता है रेपो रेट§ֆ:
#WATCH | RBI Governor Shaktikanta Das says, "Amidst the current headwinds elevated levels of public debt are raising serious concerns on macroeconomic stability in many countries, including some of the advanced economies. The global public debt to GDP ratio is projected to reach… pic.twitter.com/hO11C9rO96
— ANI (@ANI) February 8, 2024
§ֆ:आपको बता दें कि रेपो रेट (Repo Rate) वह दर है, जिस पर किसी देश का केंद्रीय बैंक धन की किसी भी कमी की स्थिति में वाणिज्यिक बैंकों को पैसा उधार देता है. रेपो रेट का उपयोग मौद्रिक अधिकारियों द्वारा इंफ्लेशन को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है. वास्तव में रेपो रेट का असर आम लोगों द्वारा बैंकों से लिए गए लोन (Loan) की ईएमआई (EMI) पर देखने को मिलता है. अगर रेपो रेट में कटौती होती है तो आम लोगों की होम और कार लोन की ईएमआई घट जाती है और अगर रेपो रेट में इजाफा होता है तो कार और होम लोन की कीमतों में बढ़ोतरी हो जाती है. §भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से आयोजित होने वाली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग का ऐलान हो गया है. इस मीटिंग के बाद रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी सांझा की. शक्तिकांत दास ने बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में बताया कि इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. यानि इन दरों को 6.5 फीसदी पर ही स्थिर किया गया है. जिसका मतलब साफ है कि आपकी ईएमआई में कोई बदलाव नहीं आने वाला है. बैठक में मौजूद 6 में से पांच सदस्य रेपो रेट को यथावत रखने के पक्ष में थे.

