֍:अयोध्या में तड़के सुबह से शुरु हुआ स्नान§ֆ:मौनी अमावस्या के मौक पर प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या में सुबह तीन बजे से ही श्रद्धालु लाखों की संख्या में पहुंचकर सरयू में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. इसी के साथ दान पुण्य भी कर रहे हैं. मौनी अमावस्या की धार्मिक मान्यता है कि आज के दिन कहा जाता है कि धरती पर पितरों का वास भी होता है. ऐसी स्थिति में पितरों के निमित्त दान पुण्य का भी विधान है. शायद यही वजह है कि मौनी अमावस्या के दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा जैसे पवित्र नदी में पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाते हैं.§֍:घाट पुरोहित ने दी जानकारी§ֆ:घाट पुरोहित ओम प्रकाश पांडे ने बताया कि आज मौनी अमावस्या है. इस मौके पर सुबह 2-2.5 बजे से ही श्रद्धालुओं ने सरयू में आस्था की डुबकी लगानी शुरु कर दी. इस मौके पर पितृ धरती पर आते हैं. ऐसी स्थिति में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है. आज के दिन निशान का विशेष महत्व होता है. समस्त पापों से मुक्त मिलती है. §सनातन धर्म में मौनी अमैवस्या का विशेष महत्व होता है. इस दिन लोग पवित्र गंगा नदी में स्नान करते हैं. 144 सालों बाद प्रयागराज महाकुंभ का अद्भुत संयोग हुआ है, जिसमें मौनी अमावस्या स्नान विशेष महत्व है. प्रयागराज में मौनी अमावस्या के मौके पर करोड़ो की संख्या में श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पहुंच रहे हैं. वहीं, अयोध्या नगरी में भी सुबह से ही लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु सरयू में स्नान कर रहे हैं.

