֍:इन जिलों से होगी शुरुआत §ֆ:सरकार खजूर की खेती के लिए विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र से शुरुआत करेगी. इसमें मिर्जापुर, सोनभद्र, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट, महोवा, झांसी और ललितपुर शामिल हैं. इसके बाद भदोही, चंदौली, आगरा, मथुरा और अन्य जिलों में इस खेती को बढ़ावा दिया जाएगा. इस सिलसिले में जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की एक टीम ने इन इलाकों की जलवायु और मिट्टी का गहराई से अध्ययन किया है. विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों की मिट्टी और वातावरण खजूर की खेती के लिए अनुकूल हैं.§֍:किसानों को मिलेंगे कई लाभ§ֆ:खजूर की खेती से किसानों को कई तरह के लाभ होंगे, क्योंकि इस फल की बाजार में अधिक डिमांड है. साथ ही इसे लंबे समय तक स्टोर भी किया जा सकता है, जिससे किसानों को अधिक दिनों तक संभालने के लिए किसी केमिकल का उपयोग नहीं करना पड़ेगा. वही, बाजार में खजूर के अधिक दाम भी मिलते हैं. खजूर के पौधों पर कांटे होने के कारण यह जानवरों से सुरक्षित रहता है. §֍:मिर्जापुर में बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस §ֆ:उत्तर प्रदेश के उद्यान और कृषि विपणन राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि मिर्जापुर में खजूर के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा. यह सेंटर किसानों को खजूर की आधुनिक खेती के तौर-तरीके सिखाने और तकनीकी सहायता देने में मदद करेगा. साथ ही, सरकार खजूर की खेती करने वाले किसानों को आर्थिक सहायता देने पर भी विचार कर रही है, ताकि वे इस खेती को आसानी से अपना सकें. उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही केंद्र सरकार को खजूर की खेती को लेकर प्रस्ताव भेजने वाली है. इस प्रस्ताव में आर्थिक सहायता और खजूर की खेती के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के निर्माण की मांग शामिल होगी. हाल ही में राजस्थान के विशेषज्ञों की एक टीम ने मिर्जापुर और अन्य जिलों का दौरा कर इस दिशा में सकारात्मक संकेत दिए हैं.§उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को अब खजूर की खेती के लिए योजना पर कार्य कर रही है. इसके तहत सरकार मिर्जापुर में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है. यह पहल से किसानों को आर्थिक लाभ के साथ खजूर के लिए आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेगी.

