֍:खेतों में डेमो से मिलेगी 75% सब्सिडी§ֆ:ड्रोन को बढ़ावा देने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, कृषि विज्ञान केंद्र, राज्य कृषि विश्वविद्यालय और अन्य सरकारी कृषि संस्थानों द्वारा ड्रोन खरीद पर 100 प्रतिशत या अधिक से अधिक 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जा रही है. ICAR की पत्रिका खेती में दी गई जानकारी के मुताबिक, किसान उत्पादक संगठन (FPO) को किसानों के खेतों में ड्रोन के प्रदर्शन (डेमो देना) के लिए 75 परसेंट तक सब्सिडी दी जा रही है. §֍:इन लोगों को मिलेगा लाभ§ֆ:किसानों की सहकारी समिति, एफपीओ और ग्रामीण उद्यमियों को ड्रोन खरीदने के लिए 4 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है. कृषि क्षेत्र में ग्रेजुएट को 50 प्रतिशत या 5 लाख रुपये तक की सहायता मिलती है. छोटे, सीमांत, अनुसूचित जाति या जनजाति, महिलाओं और पूर्वोत्तर किसानों को ड्रोन खरीद पर 50 प्रतिशत या 5 लाख रुपये, अन्य किसानों को 40 प्रतिशत या 4 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है. §֍:महिलाओं को भी मिलता है लाभ§ֆ:इसके अलावा महिलाओं के लिए नमो ड्रोन दीदी योजना की शुरुआत की गई है. इसमें महिलाओं के नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों को खेती के काम के लिए ड्रोन दिया जाता है. इस ड्रोन के जरिये स्वयं सहायता समूह की महिलाएं लिक्विड खाद और कीटनाशकों का छिड़काव कर कमाई कर सकती हैं. §֍:ड्रोन पायलट में है काफी स्कोप§ֆ:देश के कई राज्यों में ड्रोन पायलटों की मांग है. इन राज्यों में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में सबसे ज्यादा डिमांड है. इन राज्यों में ड्रोन पायलट युवाओं को 60,000 रुपये महीना तक की कमाई हो रही है. इन राज्यों में ड्रोन पायलट की मांग ऐसे समय में तेज बनी हुई है जब देश में इसकी शॉर्टेज चल रही है. तभी सरकार ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग पर अधिक से अधिक खर्च कर रही है. §भारत में तेजी से कृषि में बदलाव देखे जा रहे हैं. इन बदलावों से किसानों को अपने कई मुश्किल कार्यों को पूरा करने में आसानी हो रही है. ऐसे ही कृषि के क्षेत्र में एग्री ड्रोन का बोलबाला है, जिसको लोग काफी किफायती रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. एग्री ड्रोन पायलट के क्षेत्र में ग्रेजुएट्स को भी काफी लाभ मिल रहा है. सरकार की ओर से अब आप सब्सिडी लेकर आसानी से ड्रोन ले सकते हैं और खेती में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.

