֍:सहकारिता मंत्री ने कही ये बात§ֆ:मंत्री शाह ने कहा कि 31 दिसंबर 2025 को जब सहकारिता वर्ष समाप्त होगा, तब तक हम सहकार से समृद्धि के लक्ष्य को काफी हद तक प्राप्त कर चुके होंगे. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारत को दुनिया की तीसरे नंबर की आर्थिक शक्ति और 2047 तक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में सहकारिता क्षेत्र का बहुत बड़ा योगदान होगा. सहकारिता क्षेत्र, सामाजिक समरसता, समानता और समावेशिता के सिद्धांतों के साथ आगे बढ़ेगा. §֍:इन शहरों में हैं अधिक सहकारिता बैंक§ֆ:केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत में कुल 1465 शहरी सहकारी बैंक हैं, जिनमें से लगभग आधे गुजरात और महाराष्ट्र में हैं. देश में 49 शेड्यूल्ड बैंक हैं और 8 लाख 25 हज़ार से अधिक सहकारी संस्थाएं हैं. डिजिटल बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, ऑनलाइन लेन-देन और विदेश के साथ व्यापार जैसी गतिविधियों को अर्बन कोआपरेटिव बैंक के साथ जोड़ने का का काम किया जाएगा. उन्होंने कहा कि नए बायलॉज़ से बनी 10 हज़ार बहुद्देश्यीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (MPACS) का ट्रेनिंग प्रोग्राम आज शुक्रवार को शुरू हो रहा है. देश की हर पंचायत में एक पैक्स की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है और पैक्स की वायबिलिटी के लिए मॉडल बायलॉज़ बनाए गए हैं, जिन्हें सभी राज्यों ने स्वीकार किया है. §केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुंबई में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 की शुरुआत की. संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाने का फैसला लिया है. मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में शाह ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय ने भारत में सहकारिता वर्ष मनाने के लिए 12 माह का एक कार्यक्रम तय किया है, जिसका शुक्रवार को उद्घाटन हो रहा है.

