֍:एटीएस की ओर से मिली जानकारी§ֆ:एटीएस ने बताया कि कंपनी से ड्रग्स की खेप के साथ 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनसे पूछताछ जारी है. वहीं, एटीएस ने बताया कि इन ड्रग्स को देश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई कराया जाना था. वहीं, गुजरात एटीएस ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए 27 लाख की कीमत वाली मिथाइल एनीडियोक्सी मेथामफेटामाइन ड्रग्स के साथ एक शख्स को गिरफ्तार किया था. गुजरात एटीएस ने इसमें व्यापक ड्रग रैकेट में और अधिक व्यक्तियों की संलिप्तता का संदेह जताते हुए जांच शुरू कर दी है.§֍:पंजाब भेजी जानी थी§ֆ:अधिकारियों का कहना है कि इनमें से ज़्यादातर शिपमेंट पंजाब के लिए थे. तस्कर गुजारत के रास्ते पंजाब के साथ-साथ देशभर में ड्रग्स की सप्लाई की जा रही है. गुजरात में मेफेड्रोन की स्थानीय बिक्री में वृद्धि देखी गई है, जो खपत का संकेत देती है. पिछले साल, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के तीन राज्यों में फैले तीन बड़े अपराधों में 1,882 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त किया गया था. राज्य में कुल कुल जब्तियों में से, 6,871 करोड़ रुपये की ड्रग्स गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) द्वारा या तो स्वतंत्र रूप से या भारतीय तटरक्षक बल (ICG), भारतीय नौसेना और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) जैसी अन्य एजेंसियों के सहयोग से जब्त की गई थी.§गुजरात से एक बड़ा मामला सामने आ रहा है. बुधवार को गुजरात की एंटी टेररिस्ट स्क्वाड ने एक सर्च ऑपरेशन में लगभग 100 करोड़ रुपये की कीमत के ड्रग्स बरामद किए. एटीएस ने एक सूचना मिलने पर दवा की कंपनी में सर्च अभियान चलाया था. कंपनी से एटीएस को 2025 का सबसे बड़ा ड्रग्स का खेप मिला है. इससे पहले 2024 में ड्रग्स के खिलाफ एटीएस ने ऑपरेशन चलाते हुए लगभग 7000 करोड़ से ज्यादा के ड्रग्स को सीज किया गया.

