֍:सीधे बैंक खाते में आएंगे पैसे§ֆ:गोबर समृद्धि योजना के तहत किसानों और पशुपालकों के पास सीधे कृषि विभाग को गोबर बेचना की सुविधा उपलब्ध है. जिसके बाद उनका पूरा पैसा बैंक खाते में आ जाएगा. यह स्कीम डीबीटी इनेबल स्कीम है. राज्य सरकार की इस योजना से जैविक, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही पशुपालकों को अधिक मुनाफा हो सकेगा. §֍:किसानों के बैंक खाते में पैसा ट्रांस्फर§ֆ:राज्य के कई जिलों में योजना शुरु हो चुकी है, जहां किसान कृषि विभाग से संपर्क कर गोबर खाद बेच रहे हैं. जिसकी राशि सीधा उनका बैंक खाते में जमा हो जाती है. ऐसे में मंडी क्षेत्र की की महिला किसानों के बैंक खाते में राशि आनी शुरु भी हो गई है. योजना से न सिर्फ किसानों को आर्थिक लाभ मिल रहा है. बल्कि किसानों में जैविक उत्पादों का इस्तेमाल भी बढ़ रहा है. जिससे मृद स्वास्थ्य के साथ उत्पादन में भी वृद्धि होगी.§केंद्र और राज्य सरकारें किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं लाती रहती है. इसी बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने गोबर की खाद खरीदने के लिए गोबर समृद्धि योजना की शुरुआत की है. इसके तहत किसानों को 3 रुपये प्रतिकिलो के दर से गोबर की खीद को खरीदा जाएगा. ऐसे में एक किव्टल के 300 रुपये. मंडी जिले के साथ अन्य जिलों में इसकी खरीद शुरु हो चुकी है. इस योजना को मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत शुरु किया गया है. इसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुधारना है ताकि किसानों को अच्छा मुनाफा हो सके और गोबर खा को बढ़ावा मिले.

