֍:नर गैंडे की हुई थी मौत§ֆ:दिल्ली में मौसमी बदलाव देखने को मिल रहा है. इसमें कभी तेज धूप तो कभी बारिश और कभी घना कोहरा देखने मिल रहा है. ऐसे में इंसानों के साथ जानवरों में भी बीमारियां शुरु हो गई हैं. इसमें ठंड से ही कई जानवरों की मृत्यु हो जाती है. दिल्ली के चिड़ियाघर में मौजूद अफ्रीकी मादा बबून ठंड लगने से बीमार ह गई, जिसके बाद उसकी अस्पताल में मौत हो गई. इससे पहले दो जनवरी को एक नर गैंडा और मादा भीलू की मौत हो गई थी.§֍:नहीं किए ठंड से बचने के ठोस उपाय§ֆ:एक न्यूज रिपोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, चिड़ियाघर के सूत्रों ने बताया कि वन्यजीवों को ठंड से बचाने के लिए ठोस उपाय नहीं किए घए हैं. इससे वन्यजीव बीमार पड़ रहे हैं. नवंबर तक यहां पर जानवरों के बाड़ों में टाट लगाना था, लेकिन जनवरी तक ये काम होता रहा.§֍:ठंड से बीमार हो रहे वन्यजीव§ֆ:सूत्रों के अनुसार दो माह से वन्यजीव ठंड में ठिठुर रहे हैं. साथ ही भोजन मात्रा भी कम है. ठंड में मांसाहारी वन्यजीवों को 12 किलो मांस तक देना होता है, लेकिन उन्हें 10 किलो से भी कम दिया जा रहा है. दूसरी तरफ शाकाहारी वन्यजीवों को गर्म रखने के लिए सूखे मेवे भी ठीक तरह से नहीं दे रहे हैं. जानवरों की इस तरह से लगातार हो रही मौत अधिकारियों की लापरवाही का संकेत है.§֍:गुहाटी से आया था नर गैंडा§ֆ:चिड़ियाघर में सितंबर 2024 में गैंडा घर्मेंद्र को गुवाहाटी से लाया गया था. चार वर्षीय ये नर गैंडा पशु विनिमय कार्यक्रम के तहत लाया गया था. राष्ट्रीय प्राणी उद्यान के निदेशक डॉ. संजीत कुमार ने बताया कि मौत का कारण जानने के लिए सैंपल भेजा गया है. संयुक्त निदेशक को जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है.§֍:नौ माह क शावक की हुई मौत§ֆ:चिड़ियाघर में दिसंबर महीने के दौरान सफेद बाघिन के नौ माह के शावक की मौत हो गई. उसके कुछ ही दिनों पहले दो भालुओं की मौत हो गई थी. उससे पहले मोरनी, ईमू, मादा भेडियों, चिंकारा हिरणों की मौत हुई थी. ऐसे में चिड़ियाघर के मैनेजमेंट पर सवाल खड़ा होता है. §राष्ट्रीय राजधानी में स्थित राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में ठंड से लगातार वन्यजीवों की मृत्यु हो रही है. पिछले 12 दिनों में तीन वन्यजीवों की मौत हो गई. मंगलवार को चार वर्षीय मादा बबून ने दम तोड़ दिया. ऐसे में हालात काफ खराब हो गए हैं.

