֍:मंत्री ने कही ये बात§ֆ:गोयल ने कहा कि हल्दी को ‘गोल्डन स्पाइस’ के रूप में भी जाना जाता है और नवगठित बोर्ड महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, मेघालय सहित अन्यर 20 राज्यों के हल्दी किसानों के कल्याण पर विशेष ध्यान देगा. आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में हल्दी का उत्पादन बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं और हल्दी बोर्ड के गठन से देश के हल्दी उत्पादकों की आय बढ़ेगी.§֍:नए बाजार और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा§ֆ:केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नवगठित बोर्ड नए हल्दी उत्पादों के अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के साथ विदेशों में मार्केटिंग के लिए हल्दी से जुड़े उत्पाहदों की क्वानलिटी प्रमोशन पर ध्यानन देगा. जरूरी और चिकित्सीय गुणों के बारे में जागरूकता, इसकी उपज बढ़ाने और नए बाजारों में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए भंडारण और सप्ला ई चेन को बढ़ावा देने के उपायों पर ध्याेन देगा. गोयल ने कहा कि पिछले वर्ष, 2023-24 में भारत में 3 लाख पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्र में हल्दी की खेती हुई थी, जिसमें 10 लाख 74 हजार टन हल्दीं का उत्पादन हुआ था. दुनिया के कुल हल्दीे उत्पा दन में 70 प्रतिशत से अधिक योगदान भारत का है. यहां 30 हल्दीप किस्मों की खेती होती है.§֍:§केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड का शुभारंभ किया. हल्दीर बोर्ड का मुख्या्लय निजामाबाद में बनाया गया है. इसके पहले अध्ययक्ष पल्ले गंगा रेड्डी नियुक्त किए गए हैं. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड का शुभारंभ देश भर में शुभ दिन (मकर संक्रांति) पर हो रहा है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड में विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. निर्यातक और उत्पादक निकाय के प्रतिनिधि भी बोर्ड में शामिल किए जाएंगे.

