֍:दोनों उम्मीदवारों में ये कॉमन§ֆ:समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अजीत प्रसाद की तरह चंद्रभान पासवान भी युवा नेता हैं. दोनों ही पासी समाज से है. लेकिन चंद्रभान पासवान के पास राजनीति का अनुभव है, क्योंकि वे दो बार रुदौली से जिला पंचायत सदस्य रहे हैं और उनकी पत्नी भी जिला पंचायत सदस्य हैं. इस सीट पर बीजेपी की तरफ से पूर्व विधायक बाबा गोरखनाथ ने भी दावेदारी की थी.§֍:जानें क्या है समीकरण §ֆ:
मिल्कीपुर सीट पर जातीय समीकरण किसी भी प्रत्याशी की हजार जीत तय करती है. मिल्कीपुर सीट पर करीब साढ़े तीन लाख मतदाता है. इस सीट पर सबसे ज्यादा दलित वोटर हैं. जिनकी कुल संख्या डेढ़ लाख के करीब है. इसमें पासी विरादरी के करीब 55 हजार मतदाता हैं. इसके बाद ओबीसी वोटर है, जिसमें यादव मतदाता भी 55 हजार के करीब हैं. ब्राह्मण वोटर की संख्या 60 हजार है. इस सीट पर मुस्लिम वोटर भी निर्णायक भूमिका में है. वहीं, क्षत्रिय और वैश्य वोटर की संख्या 25 हजार और 18 हाजत हैं. साथ ही कोरी, कहार और निषाद वोटर भी अहम साबित होते रहे हैं.
§उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित मिल्कीपुर सीट पर बाईपोल इलेक्शन होने हैं. इसके लिए बीजेपी ने अपने प्रत्याशी को मैदान में उतारकर एक नई दिलचस्पी चुनाव में खड़ी कर दी है. वहीं, समाजवादी पार्टी ने अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है. मिल्कीपुर सीट पर कांग्रेस और बसपा ने प्रत्याशी न उतारने का फैसला लिया है, जिसके बाद सपा और बीजेपी में सीधी टक्कर देखने मिलेगी.

