֍:जानें क्या है फीचर्स?§ֆ:आईएमएस सूरत भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट 15बी के तहत बनाया और चौथा आखिरी स्टेल्थ गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर है. 7 नवंबर 2019 को इसकी नींव रखी गई और मई 2022 में इसे लॉन्य किया. इसमें उन्नत रडार सिस्टम और स्टेल्थ फीचर्स हैं. इसमें 7,400 टन के डिस्प्लेसमेंट के साथ 164 मीटर लंबाई है. समुद्र के अंदर मिसाइलों से लेकर टॉरपीडो तक सभी प्रकार के हथियार लगे हैं. §֍:आईएनएस नीलगिरि§ֆ:आईएनएस नीलगिरि भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट 17ए के तहत पहला स्टेल्थ फ्रिगेट है जो समुद्री सुरक्षा में एक नई दिशा देने वाला है. इसमें 28 सितंबर 2019 को लॉन्च किया गया. ये 6,670 टन का है और 149 मीटर लंबा है. आईएनएस नीलगिरि का डिजाइन रडार सिग्नेचर को कम करने के लिए विशेष रूप से किया गया है. इसमें शिप सुपरसोनिक सतह-से-सतह और मीडियम रेंज सतह-से-हवा मिसाइलों से तैयार किया गया है.§֍:आईएनएस वाघशीर§ֆ:आईएनएस बाघशीर भारतीय नौसेना की स्कॉर्पीन-क्लास प्रोजेक्ट 75 के तहत निर्मित छठी और आखिर डीजल-इलेक्ट्रिक सबमरीन है. इसका डिजाइन विशेष रूप से गुप्त संचालन के लिए हुआ है, जिससे दुश्मन के इलाकों में बिना किसी शोर के अपने मिशन को अंजाम दे सकते हैं. ये 67 मीटर लंबी और 1,550 टन वजनी पनडुब्बी वायर-गाइडेड टॉरपीडो, एंटी-शिप मिसाइल और उन्नत सोनार सिस्टम से लैस है. §प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज महाराष्ट्र के मुंबई में नौसेना डॉक्यार्ड में भारतीय नौसेना के तीन महत्पूर्ण युद्धतोपों को देश को समर्पित करेंगे. इसमें आईएनएस सूरत, आईएनएस नीलगिरि और आईएनएस बाघशीर भारत की समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करने में योगदान देंगे. जानकारी के अनुसार इनका निर्माण पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से किया गया है.

