§֍:कुंभ में दिखी भारतीय संस्कृति §ֆ:भजन-कीर्तन और प्रभु को याद करते हुए मां गंगा के तटों पर श्रद्धालुओं का विशाल समागम मौजूद है. यहां पहुंचे श्रद्धालु अपनी संस्कृति और परंपराओं का पालन कर रहे हैं. देखने के बाद ऐसा लग रहा है मानो भारत की सदियों पुरानी परंपरा आज एक बार फिर से संगम तटों पर फिर से जीवंत हो चला है.
§֍:बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक स्नान में शामिल §ֆ:महाकुम्भ के प्रथम स्नान को लेकर श्रद्धालुओं में अपार श्रद्धा और उत्साह देखा जा है. बच्चे, बूढ़े, महिलाएं सभी लोग आस्था की डुबकी लगाने के लिए गंगा-मैया के गीत गाते हुए संगम की ओर पहुंचे थे. ऐसा लग रहा था मानों वहां मौजूद हर श्रद्धालु प्रथम स्नान का गवाह बनना चाह रहा हो.§֍:60 लाख लोगों ने लगाई डुबकी §ֆ:आज पहले दिन श्रद्धालुओं ने अमृत स्नान किया. खबर लिखे जाने तक जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक अब तक करीब 60 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया है. महाकुंभ में लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति प्रयागराज में हो रही है. §Kumbh Mela 2025: विहंगम दृश्य संस्कृति का गर्व, महाकुम्भ पर्व आज पौष पूर्णिमा के अमृत स्नान से आरंभ हो गया. सूर्योदय के पहले से ही संगम तट पर लाखों श्रद्धालु विश्व के सबसे बड़े समागम में भागीदार बन रहे हैं. ठंड का प्रतिकूल मौसम भी श्रद्धालुओं के अमृत स्नान के निश्चय को नहीं डिगा सका. लाखों की संख्या में श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा कर अपनी परंपराओं का पालन किया.
#Mahakumbh2025 आज पौष पूर्णिमा के अवसर पर प्रयागराज में अमृत स्नान के साथ शुरू हो गया। लाखों श्रद्धालु, तीर्थयात्री और आगंतुक गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम त्रिवेणी के विभिन्न घाटों पर पवित्र डुबकी लगा रहे हैं।#एकता_का_महाकुम्भ #Akashvani #Kumbhvani #MahaKumbhCalling pic.twitter.com/X1CdlaR7MD
— आकाशवाणी समाचार (@AIRNewsHindi) January 13, 2025

