֍:कैसे मची मगदड़?§ֆ:भगदड़ तिरूपति वैकुंठ द्वार से शुरु हुई. यहां दर्शन के टोकन जारी करने में भक्तों की भीड़ उमड़ने से भगदड़ मच गई. गुरुवार की सुबह पांच बजे से एसएसडी टोकन जारी करने की व्यवस्था की गई है. लेकिन भक्त इस वैकुंठ द्वार के दर्शन टोकन के लिए बुधवार शाम से ही काउंटरों पर पहुंच गए. एसएसडी टोकन जारी करने के लिए तिरुपति में 8 केंद्र स्थापित किए गए हैं. आठ केंद्रों पर 90 काउंटर बनाये गये हैं. मगर इसका कोई फायदा नहीं हुआ और लंबी कतार लगी रही.§֍:टोकन लेने के लिए उमड़ी भीड़§ֆ:एक्स पर न्यूज एजेंसी एएनआई द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में एक महिला ने बताया कि भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई. जैसे ही पुलिस अधिकारियों ने गेट खोला, तीर्थयात्री टोकन खरीदने के लिए दौड़ पड़े. पहले टोकन पाने की ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी. मेरे परिवार के बीस सदस्यों में से छह घायल हो गए हैं. हम 11 बजे कतार में लगे थे. कतार में इंतजार करते समय हमें दूध और बिस्किट दिए गए. हालांकि, बड़ी संख्या में पुरुष तीर्थयात्री टोकन के लिए दौड़ पड़े. इससे कई महिलाएं घायल हो गईं, जिन्हें बाद में अस्पताल ले जाया गया।§֍:सीएम ने दिए निर्देश§ֆ:आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू के कार्यालय ने भी तिरूपति भगदड़ घटना की जानकारी ली. जिसके बाद अधिकारियों को घटना स्थल पर राहत उपाय करने का आदेश दिया गया. सीएम नायडू ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वह बेहद परेशान हैं. साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीड़ितों को बेहतर इलाज मिले. घायलों का इलाज फिलहाल रूया अस्पताल में चल रहा है.§ֆ: §आंध्र प्रदेश के तिरूमाला जिले में स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में बुधवार रात भगदड़ मच गई. इस दौरान छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) प्रमुख ने यह जानकारी दी. यह भगदड़ उस समय मची, जब वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए सैकड़ों लोग टिकट पाने की कोशिश कर रहे थे. दरअसल, यहां देशभर के श्रद्धालु 10 जनवरी से शुरू होने वाले 10 दिवसीय वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए यहां आए हैं.