֍:यूपी सबसे आगे, मध्य प्रदेश और राजस्थान भी टॉप पर
§ֆ:रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल आईडी जारी करने में उत्तर प्रदेश अव्वल रहा है, जहां 1.5 करोड़ से अधिक किसानों को यह सुविधा मिल चुकी है। इसके बाद मध्य प्रदेश (90 लाख) और राजस्थान (85 लाख) का स्थान है। इन राज्यों में किसानों को डिजिटल आईडी के माध्यम से सीधे सब्सिडी, बीमा और अन्य सुविधाएं मिल रही हैं।
§֍:क्या है डिजिटल आईडी और इसके फायदे?
§ֆ:किसान डिजिटल आईडी एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर है, जिसे केंद्र सरकार की ‘डिजिटल इंडिया’ पहल के तहत लॉन्च किया गया है। इसके जरिए:
किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के मिलेगा।
कृषि ऋण, बीमा और सब्सिडी की प्रक्रिया तेज होगी।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मौसम अपडेट और बाजार भाव से सीधे जुड़ने में मदद मिलेगी।
नकली दावों और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
§֍:2025 तक सभी किसानों को मिलेगा डिजिटल आईडी
§ֆ:सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक देश के सभी किसानों को डिजिटल आईडी से जोड़ा जाए। इसके लिए आधार लिंकिंग, भूमि रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन और मोबाइल ऐप्स के जरिए प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है।
कृषि मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, “डिजिटल आईडी से किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। यूपी, एमपी और राजस्थान जैसे राज्यों ने इसमें अच्छी प्रगति की है।”
§देश में किसानों के डिजिटलीकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 6 करोड़ से अधिक किसानों को डिजिटल आईडी जारी की जा चुकी है, जिसमें उत्तर प्रदेश (यूपी) शीर्ष पर है। इससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, ऋण प्राप्त करने और बाजार से सीधे जुड़ने में आसानी होगी।

