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कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य सदस्यों ने कही ये बात
§ֆ:कार्यक्रम में भारत सरकार के कानून और न्याय तथा संसदीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि, “जैसा कि हम एक विकसित भारत का लक्ष्य रखते हैं आने वाले 2047 तक 7-8% जीडीपी वृद्धि को लक्षित करते हुए, हमें कृषि के योगदान को बढ़ाने पर अपना ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है. फोकस में बदलाव आया है: उपेक्षित होने से सशक्त होने की ओर – किसान भारत के वर्तमान विकास एजेंडे में केंद्र में आ गए हैं”.§֍:§ֆ:कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा, “वैज्ञानिकों को भारत में फसल स्वास्थ्य और ‘स्वास्थ्य’ प्रथाओं पर शोध तेज करने की आवश्यकता है; जो हमारे देश की बीमार मिट्टी में मदद करेगा. ‘वास्तविक परिवर्तन’ गांवों में शुरू होगा, जबकि किसानों के साथ मिलकर भूमि और किसान के स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जाएगा.”§ֆ:कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जैसी पहलों के साथ महत्वपूर्ण प्रगति की है. किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और जन जागरण अध्ययन जैसे प्रयासों के माध्यम से हमारे किसानों का समर्थन करना महत्वपूर्ण है.§ֆ:भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव और कृषि और किसान कल्याण मंत्री फैज अहमद किदवई ने कहा, “हमने विभिन्न कृषि विकास पहलों पर बातचीत शुरू की है, और यह जानकर खुशी हुई कि सभी चार राष्ट्रीय संघ इसे आगे बढ़ाने के लिए एकत्रित होंगे. व्यापार करने में आसानी बढ़ाने के लिए, हम एकीकृत कीट प्रबंधन प्रणाली और राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीट नियंत्रण सेवाओं तक पहुंच की सुविधा प्रदान करेगी. इसके अतिरिक्त, हम खुदरा विक्रेताओं के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया को और अधिक कुशल बनाने के लिए इसे सुव्यवस्थित कर रहे हैं. भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए एनपीएसएस में पहले ही 20,000 किसान पंजीकृत हो चुके हैं, और ऐप और इसके लाभों का उपयोग करने के लिए और अधिक लोगों को प्रोत्साहित करने के प्रयास जारी हैं.” §֍:आईसीएआर द्वारा कही ये बात§ֆ:आईसीएआर की एडीजी (पौधे संरक्षण और जैव सुरक्षा) डॉ. पूनम जसरोटिया ने कहा, “हम डेटा सबमिशन के लिए एक नए प्रारूप को अपडेट करने की प्रक्रिया में हैं. एक बार यह नया प्रारूप लागू हो जाने के बाद, हम उम्मीद करते हैं कि डेटा ट्रांसफर अधिक कुशल होगा, जिससे नियामक अनुमोदन प्रक्रिया में तेज़ी आएगी.”§ֆ:आईसीएआर में कीटनाशक अवशेषों पर अखिल भारतीय नेटवर्क परियोजना की नेटवर्क समन्वयक (एआईएनपी) और योजना प्रभारी (एमपीआरएनएल) डॉ. वंदना त्रिपाठी ने कहा, “एमआरएल पर लंबे समय से प्रतीक्षित राजपत्र अधिसूचना अब सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, और सभी हितधारकों को अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. सरकार सक्रिय रूप से उद्योग से फसलों पर लेबल दावों के लिए पंजीकरण करने का आग्रह कर रही है, विशेष रूप से उन पर जो अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (एआईसीआरपी) से अवशेष डेटा द्वारा समर्थित हैं.”§֍:ड्रोन दीदीयों को किया सम्मानित§ֆ:कार्यक्रम के दौरान पांच ड्रोन दीदीयों को भी सम्मानित किया गया. इसमें उत्तर प्रदेश से हेमलता, राजस्थान से प्रियंका, हरियाणा से सोना लांबा, पंजाब से मीना रानी औऱ मध्य प्रदेश से हीनामांझी मौजूद रहीं. इसी के साथ प्रगतिशील किसानों को भी सम्मानित किया गया. इसमें गोपाल गिरी, पुष्पेंद्र कुमार, कामोद सिंह शामिल रहे. §۩:Uploads/NewsImages/26-09-2024/fhcgSpAZmHyVCoJVjcQ8.jpg|§दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में अग्रणी घरेलू और बहुराष्ट्रीय अनुसंधान एवं विकास संचालित फसल विज्ञान कंपनियों के संगठन क्रॉपलाइफ इंडिया ने अपनी 44वीं वार्षिक आम बैठक बुधावर को आयोजित हुई. इस अवसर पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया. सम्मेलन में विधि एवं न्याय राज्य मंत्री तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री और दो कृषि राज्य मंत्री, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, विशेषज्ञ, शिक्षाविद और उद्योग जगत के नेता शामिल रहे. राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान विचार-विमर्श का विषय “भागीदारी के माध्यम से समृद्धि को बढ़ावा देना: भारतीय कृषि के विकास में फसल संरक्षण उद्योग की भूमिका” रहा. इस सत्र में “सटीक कृषि को बढ़ावा देने वाली तकनीकें” के साथ कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई.

